पुणे (महाराष्ट्र), 15 सितंबर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि अगर पार्टी छोड़ने वाले लोगों का ‘‘हृदय परिवर्तन’’ हो गया है और वे इसमें लौटना चाहते हैं तो उनके प्रस्तावों को अस्वीकार नहीं करना चाहिए क्योंकि ‘‘राजनीति में संख्या बल काफी महत्व रखता है।’’
पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार और छगन भुजबल तथा दिलीप वलसे पाटिल समेत आठ विधायकों ने दो जुलाई को बगावत कर दी थी और वे एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
पाटिल ने दावा किया कि पार्टी छोड़ने वाले कुछ लोगों ने उनसे लौटने की इच्छा जतायी है। उन्होंने कहा कि ‘‘इन लोगों को पाला बदलने को लेकर जन भावनाओं का धीरे-धीरे पता चल रहा है।’’
राकांपा की प्रदेश इकाई के प्रमुख ने यह भी कहा कि अगर पार्टी में सभी एकजुट रहते हैं तो उसे छोड़कर जाने वाले लोग खुद लौट आएंगे।
उन्होंने यहां राकांपा की पुणे इकाई की बैठक में कहा, ‘‘अगर पार्टी में सभी लोग एकजुट रहते हैं तो छोड़कर जाने वाले लोग खुद लौट आएंगे। जब ऐसे लोग लौटने का फैसला करते हैं और उनका हृदय परिवर्तन होता है तो हमें उन्हें अस्वीकार नहीं करना चाहिए। राजनीति में संख्या का काफी महत्व होता है।’’
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर सातारा में साम्प्रदायिक हिंसा और जालना में मराठा आरक्षण के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई पर पाटिल ने कहा कि राज्य में एकनाथ शिंदे सरकार में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है।
राकांपा की पुणे नगर इकाई के अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने कहा कि पार्टी संस्थापक शरद पवार के लिए यहां एक रोडशो आयोजित किया जाएगा।
हाल में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने यहां एक रोडशो किया था जिसमें बड़ी संख्या में लोग उमड़े थे।
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