देश की खबरें | नेताओं ने श्रीनगर में अखबार का दफ्तर सील किए जाने की निन्दा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू- कश्मीर के नेताओं ने अधिकारियों द्वारा यहां अखबार ‘कश्मीर टाइम्स’ का दफ्तर सील किए जाने की मंगलवार को निन्दा की। वहीं, लगभग एक दर्जन पत्रकारों के समूह ने अखबार के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए अपनी ओर से नि:शुल्क सेवा देने की पेशकश की।
श्रीनगर, 20 अक्टूबर जम्मू- कश्मीर के नेताओं ने अधिकारियों द्वारा यहां अखबार ‘कश्मीर टाइम्स’ का दफ्तर सील किए जाने की मंगलवार को निन्दा की। वहीं, लगभग एक दर्जन पत्रकारों के समूह ने अखबार के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए अपनी ओर से नि:शुल्क सेवा देने की पेशकश की।
संपदा विभाग ने सोमवार को प्रेस एंक्लेव स्थित अंग्रेजी दैनिक के कार्यालय को सील कर दिया था। अखबार मालिकों का कहना है कि इस संबंध में पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने सरकार की कार्रवाई की निन्दा की।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि क्यों हमारे कुछ ‘प्रतिष्ठित’ प्रकाशन सरकार के मुखपत्र बन गए हैं और केवल सरकार की प्रेस विज्ञप्तियां छाप रहे हैं। स्वतंत्र रिपोर्टिंग की कीमत तय प्रक्रिया का पालन किए बिना बेदखली है।’’
अखबार की संपादक अनुराधा भसीन के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए पत्रकारों के एक समूह ने आरोप लगाया कि अखबार को दबाने के लिए नए सिरे से प्रयास किए जा रहे हैं जो खासकर पांच अगस्त के बाद से कश्मीर में स्वतंत्र प्रेस पर सरकार के प्रतिबंधों के खिलाफ आवाज उठाने में अग्रणी रहा है।
समूह ने बयान में कहा कि उनमें से कुछ अखबार की संपादकीय टीम को नि:शुल्क सेवा देने को तैयार हैं।
माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने आरोप लगाया कि प्रशासन का यह बदले की राजनीति से उठाया गया कदम है और यह क्षेत्र में असंतोष की आवाज को दबाने का प्रयास है।
भसीन ने आरोप लगाया था कि उनके अखबार को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने पिछले साल केंद्र द्वारा अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद जम्मू- कश्मीर में मीडिया पर प्रतिबंधों का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में उठाया था।
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