नयी दिल्ली, 15 जुलाई राष्ट्रीय राजधानी में वकीलों ने तीन नये आपराधिक कानूनों के कुछ प्रावधानों के खिलाफ सोमवार को न्यायिक कार्य से दूरी बनाई। वकीलों ने इन प्रावधानों को ‘कठोर’ और वादियों के हितों के खिलाफ बताया।
दिल्ली के सभी जिला न्यायालय बार संघों की समन्वय समिति के आह्वान पर वकीलों ने हड़ताल की।
समिति के परिपत्र में कहा गया है, ‘‘समन्वय समिति ने 11 जुलाई को तीस हजारी अदालत में अपनी बैठक में सर्वसम्मति से 15 जुलाई को न्यायिक कार्य से पूरी तरह परहेज करने का संकल्प लिया।’’
समिति का मानना है कि नये आपराधिक कानून, 2023 में रिमांड आदि जैसे कुछ कठोर प्रावधान बेहतर न्याय उपलब्ध कराने के रास्ते में अवरोध की तरह और वादियों के हितों के खिलाफ हैं।
परिपत्र पर समिति के अध्यक्ष जगदीप वत्स और महासचिव अतुल कुमार शर्मा के हस्ताक्षर हैं।
वत्स ने कहा कि हड़ताल का आह्वान सफल रहा और वकीलों ने कामकाज से दूरी बनाई।
साकेत जिला न्यायालय के अधिवक्ता और समिति के पूर्व महासचिव धीर सिंह कसाना ने कहा कि नये आपराधिक कानून के कुछ प्रावधानों ने वकीलों में नाराजगी पैदा की है।
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