नयी दिल्ली, 21 अप्रैल साकेत अदालत परिसर में एक महिला पर गोली चलाने के आरोप में गिरफ्तार कामेश्वर कुमार सिंह को प्रेमलता नामक एक अन्य महिला को धमकाने और उसके साथ धोखाधड़ी करने के आरोपों के बाद 2022 में वकालत करने से रोक दिया गया था।
महिला के वकील राजेश तिवारी ने बताया कि महिला जो खुद एक वकील है, उसने 2016 में महरौली पुलिस थाने में सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कराया था।
तिवारी ने बताया कि उनकी मुवक्किल एक इमारत बनवा रही थी, लेकिन बिल्डर ने धोखे से सिंह को 70 लाख रुपये में फ्लैट बेच दिया, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।
तिवारी ने दावा किया कि तभी से सिंह उसे (महिला) धमकी देता था।
इसके बाद, महिला ने दिल्ली बार काउंसिल से संपर्क किया, जिसने सिंह के 12 सितंबर 2022 से 11 सितंबर 2024 तक दो साल के लिए वकालत करने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
बार काउंसिल ने पिछले साल दिसंबर में एक नोटिस जारी कर कहा था कि सिंह के ‘घोर पेशेवर कदाचार और अन्य कदाचार का दोषी पाए जाने के मद्देनजर’ उसका वकालत का लाइसेंस दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।
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