देश की खबरें | केंद्र सरकार को संविधान दिवस मनाते देखकर हंसी आ रही है : महबूबा मुफ्ती
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने संविधान दिवस के मौके पर बृहस्पतिवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को यह दिवस मनाते देखकर हंसी आ रही है क्योंकि संविधान को पहले ही ‘‘भाजपा के विभाजनकारी एजेंडा’ से बदल दिया गया।
श्रीनगर, 26 नवंबर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने संविधान दिवस के मौके पर बृहस्पतिवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को यह दिवस मनाते देखकर हंसी आ रही है क्योंकि संविधान को पहले ही ‘‘भाजपा के विभाजनकारी एजेंडा’ से बदल दिया गया।
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून या ‘‘लव जिहाद कानून’’ संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का ‘‘अपमान’’ है ।
वर्ष 1949 में आज ही के दिन संविधान अंगीकृत करने के उपलक्ष्य में देश में बृहस्पतिवार को संविधान दिवस मनाया गया।
महबूबा ने कहा, ‘‘भारत सरकार को ‘संविधान दिवस’ मनाते देखकर हंसी आ रही है क्योंकि उन्होंने पहले ही संविधान को हटाकर भाजपा के विभाजनकारी एजेंडा को लागू कर दिया। सीएए, एनआरसी या लव जिहाद जैसा कानून तैयार करना भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का अपमान है और यह हिटलर के शासन को भी शर्मसार कर देगा।’’
यह भी पढ़े | कोरोना के मध्य प्रदेश में 1668 नए केस, 12 की मौत: 26 नवंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
एक अन्य ट्वीट में पीडीपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सीबीआई, एनआईए और प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय एजेंसियां कश्मीरी नेताओं को ‘‘प्रताड़ित’’ कर रही है और जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनावों में भागीदारी के लिए उन्हें ‘‘परेशान’’ किया जा रहा है ।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार सीबीआई, एनआईए और ईडी जैसी एजेंसियों के जरिए कश्मीरी नेताओं को प्रताड़ित कर रही है। डीडीसी चुनावों में भागीदारी के लिए उन्हें परेशान और दंडित किया जा रहा है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2020 08:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

