बेंगलुरु, नौ जून कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडु राव ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और इससे संबद्ध संगठनों को पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में सैकड़ों एकड़ जमीन आवंटित करने के निर्णय की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा जारी कुछ निविदाओं को भी रद्द कर दिया गया है, जबकि अन्य पर गौर किया जा रहा है।
राव ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, इसके अधिकारियों और चिकित्सकों के कामकाज तथा बेहतर जन स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए उठाये गये कदमों पर अगले हफ्ते होने वाली एक बैठक में चर्चा की जाएगी।
मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘राज्य में सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन आरएसएस और संघ परिवार से संबद्ध संगठनों के नाम पर हस्तांतरित की गई है।’’
उनके मुताबिक, इस तरह के आवंटन का उद्देश्य इन संगठनों को आगे बढ़ाने और उनकी विचारधारा के प्रसार में सहायता करना था।
मंत्री ने कहा, ‘‘यह (जमीन आवंटन) नहीं होना चाहिए था। लोगों को सब कुछ बताया जाना चाहिए। कुछ भी छिपाकर नहीं रखना चाहिए। लोगों को जानकारी देनी चाहिए। हमें कदम उठाना होगा।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने इस दिशा में अब तक कोई कदम उठाया है, राव ने कहा कि वह अब तक उठाये गये कदमों के बारे में इस वक्त कुछ नहीं कह सकते, लेकिन उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को इसे करना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार के स्तर पर होना चाहिए, जहां राजस्व विभाग और मुख्यमंत्री को इस पर गौर करना है कि क्या हुआ था और यह कैसे हुआ था। उन्हें इस बात पर गौर कर यह निर्णय करना है कि क्या ये कानूनन हुआ था और किस मूल्य पर इसे आवंटित किया गया।’’
भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाये जाने के विपक्षी दल (भाजपा) के आरोप के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में राव ने कहा कि उसका मकसद इतिहास से छेड़छाड़ करना, लोगों के बीच दरार पैदा करना, और नफरत फैलाना, सरकारी जमीन आरएसएस एवं इससे संबद्ध संगठनों को आवंटित करना रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 108-एंबुलेंस निविदा और डायलिसिस अनुबंध जैसी कुछ निविदा रद्द कर दी हैं।
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