Lakhimpur Kheri Violence: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा को मिलेगी जमानत या अभी जेल में ही रहना होगा? SC आज सुनाएगा फैसला
उच्चतम न्यायालय केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर बुधवार को फैसला सुनाएगा जो वर्ष 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में एक आरोपी है. शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड की गई 25 जनवरी की वाद सूची के अनुसार न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी की पीठ फैसला सुनाएगी
नयी दिल्ली, 24 जनवरी: उच्चतम न्यायालय केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर बुधवार को फैसला सुनाएगा जो वर्ष 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में एक आरोपी है. शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड की गई 25 जनवरी की वाद सूची के अनुसार न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी की पीठ फैसला सुनाएगी. पीठ ने गत 19 जनवरी को मिश्रा की अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था.उत्तर प्रदेश के जिले लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में तीन अक्टूबर, 2021 को हिंसा के दौरान आठ लोगों की हत्या कर दी गई थी. यह हिंसा तब उत्पन्न हुई जब उत्तर प्रदेश के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के क्षेत्र में दौरे के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, जिस एसयूवी में आशीष मिश्रा बैठे थे उसने चार किसानों को कुचल दिया था। इस घटना के बाद एसयूवी के चालक और दो भाजपा कार्यकर्ताओं को आक्रोशित किसानों ने कथित रूप से पीट पीटकर मार डाला। हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हो गई थी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने पिछले साल 26 जुलाई को आशीष मिश्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। आशीष मिश्रा ने उच्च न्यायालय के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी. यह भी पढ़े: Lakhimpur Kheri Violence: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष के खिलाफ आरोप तय, चलेगा मुकदमा
उच्चतम न्यायालय ने 19 जनवरी को सुनवाई के दौरान कहा था कि एक आरोपी को अनिश्चित काल के लिए कारावास में नहीं रखा जाना चाहिए जब तक कि अपराध साबित ना हुआ हो। हालांकि, शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि यह एक गंभीर और जघन्य अपराध है और जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा.
इस मामले में आशीष मिश्रा के अलावा 12 अन्य आरोपियों में अंकित दास, नंदन सिंह बिष्ट, लतीफ काले, सत्यम उर्फ सत्य प्रकाश त्रिपाठी, शेखर भारती, सुमित जायसवाल, आशीष पांडे, लवकुश राणा, शिशु पाल, उल्लास कुमार उर्फ मोहित त्रिवेदी, रिंकू राणा और धर्मेंद्र बंजारा शामिल हैं. सभी 13 आरोपी अभी जेल में हैं और इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की दंगा से संबंधित धारा 147 और 148 , 149 (गैरकानूनी विधानसभा), 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है .
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 24, 2023 10:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

