नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर अखिल भारतीय साधारण बीमा कर्मचारी संघ (जीआईईएआईए) ने वेतन को प्रदर्शन से जोड़ने पर अपनी आपत्ति जताई है और सार्वजनिक क्षेत्र की सभी चार साधारण बीमा कंपनियों के विलय की मांग की है।
जीआईईएआईए ने एक बयान में कहा कि 2022 से वेतन को व्यक्ति और कंपनी के प्रदर्शन से जोड़ना किसी भी सार्वजनिक उपक्रम, केंद्र या राज्य सरकार की गतिविधियों के विपरीत है।
जीआईईएआईए के महासचिव त्रिलोक सिंह ने कहा कि यदि यह प्रस्ताव लागू किया जाता है, तो प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) के नाम पर निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि आज वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के अधिकारी सरकारी साधारण बीमा कंपनियों को समान अवसर देने के लिए वास्तविक और गंभीर मुद्दे का समाधान नहीं कर रहे हैं।
सिंह ने कहा कि डीएफएस बीमा क्षेत्र में निजी कंपनियों की अनैतिक गतिविधियों को नियंत्रित करने में विफल रहा है।
उन्होंने कहा कि संघ चाहता है कि सरकार पॉलिसीधारकों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के हित में सभी चार सरकारी साधारण बीमा कंपनियों का तत्काल विलय करे।
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