गांधीनगर, 22 सितंबर गुजरात सरकार ने मंगलवार को राजकोट सिविल अस्पताल के कर्मियों द्वारा डेलीरियम से पीड़ित एक कोविड-19 मरीज को ‘काबू में करने की’ की घटना का बचाव किया।
उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने विधानसभा को बताया कि "गलत धारणा बनाई गई कि मरीज को पीटा गया था, जो सच नहीं है।"
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उन्होंने कहा, "38 वर्षीय रोगी डेलीरियम नामक एक मनोविकार से पीड़ित है और यदि उसे संयमित नहीं किया जाता, तो वह खुद को या अन्य रोगियों को घायल कर सकता था।"
इस मुद्दे को कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पुंजा वंश ने सदन में उठाया।
कांग्रेस नेता हाल ही में सामने आए एक वीडियो का उल्लेख कर रहे थे, जिसमें नर्सिंग कर्मचारी और अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों को एक कोरोना वायरस मरीज की कथित तौर पर पिटाई करते हुए दिखाया गया था।
अस्पताल के अधिकारियों ने पहले दावा किया था कि मरीज को "मानसिक बीमारी ’है और उसके खुद के या दूसरों के घायल होने से बचाने के लिए उसे संयमित किया जा रहा था और उसकी पिटाई नहीं की जा रही थी।
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