जरुरी जानकारी | कोविड-19 के कारण इस साल माल गोदामों, औद्योगिक स्थानों की मांग पर पड़ सकता है असर: विशेषज्ञ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल भंडारण और औद्योगिक स्थानों की मांग पर प्रतिकूल असर पड़ने का अनुमान हैं। हालांकि ई-वाणिज्य क्षेत्र की वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए मध्यम से लंबी अवधि में इस क्षेत्र की संभावनाएं उज्ज्वल हैं। विशेषज्ञों ने यह राय प्रकट की है।

नयी दिल्ली, तीन जुलाई कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल भंडारण और औद्योगिक स्थानों की मांग पर प्रतिकूल असर पड़ने का अनुमान हैं। हालांकि ई-वाणिज्य क्षेत्र की वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए मध्यम से लंबी अवधि में इस क्षेत्र की संभावनाएं उज्ज्वल हैं। विशेषज्ञों ने यह राय प्रकट की है।

संपत्ति को लेकर परामर्श देने वाली कंपनी नाइट फ्रैंक और रीड एक्जिबिशंस इंडिया द्वारा आयोजित एक वेबिनार ‘ब्रिजिंग दी मिडल- ट्रांसफॉर्मिंग वेयरहाउसिंग इंडस्ट्री इन इंडिया’ में विशेषज्ञों ने कहा कि देश को विनिर्माण का गढ़ बनाने तथा चीन से परिचालन बाहर ले जाने को इच्छुक कंपनियों को आकर्षित करने के लिये सरकार को औद्योगीकरण की एक राष्ट्रीय नीति तैयार करनी चाहिये। इसके अलावा उन्होंने सरकार से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आसान बनाने का भी आग्रह किया।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बदला गया यात्रा भत्ता से जुड़ा ये नियम, अब नहीं होना पड़ेगा परेशान.

हीरानंदानी समूह के सह- संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक, रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन नारेडको तथा उद्योग संगठन एसोचैम के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने वेबिनार में कहा कि वेयरहाउसिंग, औद्योगिक पार्क और डेटा सेंटर परियोजनाओं में विकास की अपार संभावनाएं हैं।

उन्होंने देश को विनिर्माण गतिविधियों का गढ़ बनाये जाने के संदर्भ में कहा, ‘‘ऐसा करने की नियत तो दिखती है, उम्मीद है कि इस पर काम भी होगा।’’

यह भी पढ़े | Siikkim Lottery Results Today: सिक्किम राज्य लॉटरी का 1 जुलाई का लकी ड्रा रिजल्ट जारी, ऑनलाइन अभी sikkimlotteries.com पर देखें.

उन्होंने सुझाव दिया, सरकार को यह समझने के लिये एक दल वियतनाम भेजना चाहिये कि वे कंपनियों को कारखाने लगाने के लिये किस तरह से आकर्षित कर रहे हैं।

एवरस्टोन ग्रुप के वाइस चेयरमैन (रियल एस्टेट) राजेश जग्गी ने कहा कि यह साल मांग और आपूर्ति दोनों पक्षों में कोरोना वायरस महामारी द्वारा उत्पन्न चुनौतियों के कारण वेयरहाउसिंग क्षेत्र के लिये साफ हो सकता है।

जग्गी एवरस्टोन समर्थित इंडोस्पेस के प्रबंध भागीदार हैं। इंडोस्पेस वेयरहाउसिंग और औद्योगिक स्थान क्षेत्र में कारोबार करती है। उन्होंने कहा, "मैं अल्पकालिक परिप्रेक्ष्य के लिये बिल्कुल भी आशावान नहीं हूं, लेकिन कोविड-19 के बाद के दौर में मध्यम से लंबी अवधि में औद्योगिक विकास और भंडारण दोनों के लिये वृद्धि की संभावनाएं बरकरार हैं।’’

ऑल कार्गो लॉजिस्टिक्स के चेयरमैन शशि किरण शेट्टी ने भारत में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये सुझाव दिया कि सरकार को विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) को पुनर्जीवित करना चाहिये, जहां कारखानों और वेयरहाउसिंग दोनों का अस्तित्व हो सकता है।

नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र की अन्य परिसंपत्ति वर्गों की तुलना में वेयरहाउसिंग क्षेत्र कम प्रभावित हुआ है और यह जल्दी ठीक हो जायेगा।

नाइट फ्रैंक इंडिया ने बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया था कि आर्थिक सुस्ती के कारण देश के आठ प्रमुख शहरों में भंडारण की मांग पिछले वित्त वर्ष के दौरान 11 प्रतिशत कम होकर 413 लाख वर्ग फुट पर आ गयी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Zimbabwe vs South Africa Weather Update: दिल्ली में जिम्बाब्वे बनाम दक्षिण अफ्रीका मुकाबले में पिच और परिस्थितियां निभा सकती हैं अहम भूमिका, यहां जानें अरुण जेटली स्टेडियम का हाल

Pakistan vs Sri Lanka, 50th Match Scorecard: पललेकेले में पाकिस्तान ने श्रीलंका के सामने रखा 213 रनों का टारगेट, साहिबजादा फरहान और फखर जमान ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

Australia Women vs India Women, 3rd ODI Key Players To Watch Out: ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला के बीच तीसरे वनडे में इन स्टार खिलाड़ियों पर होगी सबकी निगाहें

Australia Women vs India Women, 3rd ODI Prediction: अहम मुकाबले में क्लीन स्वीप करना चाहेगी ऑस्ट्रेलिया महिला, सम्मान बचाने उतरेगी भारत महिला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

\