देश की खबरें | भारत में कोविड-19 से एक दिन में सर्वाधिक 507 लोगों की मौत, जून सबसे भयावह महीना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत में बुधवार को कोविड-19 से 507 लोगों की मौत दर्ज की गई, जो देश में किसी एक दिन का सर्वाधिक आंकड़ा है। वहीं, जून में कोरोना वायरस संक्रमण के करीब चार लाख मामले सामने आने से यह अब तक सबसे भयावह महीना रहा, जिस कारण कुछ राज्यों को अलग-अलग पाबंदियों के साथ लॉकडाउन का भी सहारा लेना पड़ा है।
नयी दिल्ली, एक जुलाई भारत में बुधवार को कोविड-19 से 507 लोगों की मौत दर्ज की गई, जो देश में किसी एक दिन का सर्वाधिक आंकड़ा है। वहीं, जून में कोरोना वायरस संक्रमण के करीब चार लाख मामले सामने आने से यह अब तक सबसे भयावह महीना रहा, जिस कारण कुछ राज्यों को अलग-अलग पाबंदियों के साथ लॉकडाउन का भी सहारा लेना पड़ा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक कोविड-19 से हुई कुल 17,4000 मौतों में से केवल तीन राज्यों..महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु में 70 प्रतिशत मौतें हुई है।
बुधवार सुबह आठ बजे अद्यतन किये गये आंकड़ों में यह भी प्रदर्शित हुआ है कि चौबीस घंटों में संक्रमण के 18,653 नये मामले सामने आने के साथ कुल आंकड़ा बढ़ कर 5,85,493 हो गया है। वहीं, इस रोग से उबरने की दर क्रमिक रूप से बेहतर हो रही है और यह करीब 60 प्रतिशत के नजदीक पहुंच गई है।
मंत्रालय के आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक यह लगातार पांचवां दिन है जब कोविड-19 के मामलों में 18,000 से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। देश में जून महीने में वायरस संक्रमण के 3,94,958 मामले बढ़े, जो कुल मामलों का 68 प्रतिशत है।
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आंकड़ों के मुताबिक इलाजरत मामलों की संख्या 2,20,114 है, जबकि 3,47,978 लोग इस रोग से उबर चुके हैं। एक मरीज प्रवास कर गया।
इससे यह संकेत मिलता है कि अब तक 59.43 प्रतिशत मरीज संक्रमण मुक्त हुए हैं।
भारत में कोविड-19 का पहला मामला 30 जनवरी को केरल में सामने आया था जब चीन के वुहान से लौटे एक छात्र के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।
कर्नाटक में स्वास्थ्य अधिकारियों ने 12 मार्च को कोविड-19 से देश में पहली मौत दर्ज की थी।
संक्रमण के प्रसार में तेज गति से हो रही वृद्धि को रोकने की कोशिश के तहत महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मणिपुर और नागालैंड सहित अन्य राजयों ने लॉकडाउन में कोई और छूट दिये बगैर इसकी अवधि 30 से जून से विभिन्न अवधियों के लिये 31 जुलाई तक बढ़ा दी है।
महाराष्ट्र में कोविड-19 के सर्वाधिक मामले सामने आने और मौतें होने के मद्देनजर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वह कोरोना वायरस संकट से निकलने के लिये किसी चमत्कार के लिये प्रार्थना करते हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ‘आषाढ़ी एकादशी’ के अवसर पर पंढरपुर में भगवान विट्ठल और देवी रुक्मिणी के मंदिर में बुधवार को ‘महापूजा’ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कोरोना वायरस संकट से उबरने के लिए चमत्कार होने की प्रार्थना की।
ठाकरे ने अपनी पत्नी रश्मि के साथ तड़के दो बजे ‘महापूजा’ करने के बाद ट्वीट किया, “मैंने मॉली से प्रार्थना की। ... हमें चमत्कार दिखाइए। इंसानों ने हार मान ली है। हमारे पास दवा नहीं है। कुछ नहीं है। चेहरे को हमेशा पट्टी से ढंककर जिंदगी कैसे जी जाएगी।”
मुंबई पुलिस ने शहर में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही निषिद्ध कर दी है और कहा है कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिये ये उपाय किये गये हैं।
मंगलवार को 903 नये मामले सामने आने के साथ मुंबई में कुल संख्या बढ़ कर 77,197 पहुंच गई, जबकि 93 और मौतों के साथ कुल मृतक संख्या 4,554 हो गई है।
आदेश में कहा गया है कि गैर जरूरी कार्यों के लिए गतिविधि पर रोक बुधवार से लागू हो गयी है और 15 जुलाई तक यह लागू रहेगी ।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर एक या इससे ज्यादा व्यक्तियों की आवाजाही या मौजूदगी पर प्रतिबंध रहेगा । कम से कम छह फुट की दूरी रखने के नियमों का हर वक्त पालन किया जाए।
महीने भर के ‘अनलॉक-1’ के मंगलवार को समाप्त होने के बाद ‘अनलॉक’का दूसरा चरण बुधवार से प्रभावी हुआ। नये चरण में 25 मार्च से लागू राष्ट्रीय लॉकडाउन में क्रमिक छूट दी गई है।
कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये प्रतिबंधित गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा, हालांकि शैक्षणिक संसथान, मेट्रो रेल सेवाएं, सिनेमाघर और जिम बंद रहेंगे।
राजनीतिक, अकादमिक, सांस्कृतिक, खेल कार्यक्रम और अन्य आयोजनों पर प्रतिबंध ‘अनलॉक-2’ में भी जारी रहेगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि दिल्ली सरकार, केंद्र और अन्य संगठनों के ‘‘संयुक्त प्रयासों’’ से कोविड-19 की स्थिति अभी नियंत्रण में आ गई है। लेकिन उन्होंने लोगों को आगाह किया कि सामाजिक और व्यक्तिगत व्यवहार में किसी भी चूक से मामलों में फिर वृद्धि हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि स्थिति उतनी ‘‘भयावह’’ नहीं है जितना एक महीने पहले अनुमान लगाया गया था। उन्होंने कहा कि यहां उपचाररत मरीजों की संख्या बढ़ने के बजाय घट रही है।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि एक महीने पहले, मरीजों के ठीक होने की दर लगभग 38 प्रतिशत थी, लेकिन अब यह 67 प्रतिशत है। कुल 87,000 मामलों में से 58,000 लोग अब तक घातक वायरस से उबर चुके हैं।
केजरीवाल ने कहा, ‘‘कोई चूक नहीं होनी चाहिए। बहुत प्रयास के बाद, हम उस स्थिति से बाहर आए हैं जो एक महीने पहले थी। हम अपना काम जारी रखेंगे। कहावत है - सर्वोत्तम की उम्मीद रखें लेकिन बहुत बुरे के लिए तैयार रहें। हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारी जारी रखेंगे।”
इस बीच, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रदेश में एक पखवाड़े तक चलने वाले ‘‘किल कोरोना’’ अभियान की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य राज्य में प्रत्येक घर में संक्रमण की जांच करना है।
उधर, महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बुधवार को कहा कि अब तक राज्य के 4,938 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और उनमें से 60 कर्मियों की मौत हो गयी है।
उन्होंने कहा कि 60 मृतकों में से 38 मुंबई पुलिस से थे।
गृह मंत्री ने एक बयान में कहा कि 4,938 संक्रमित पुलिसकर्मियों में से 3,813 बीमारी से उबर चुके हैं जबकि 1,000 से अधिक कर्मियों का अभी इलाज चल रहा है।
कोविड-19 से देश में अब तक हुई कुल 17,400 मरीजों की मौत में महाराष्ट्र में सबसे अधिक 7,855 लोगों ने जान गंवाई है। इसके बाद दिल्ली में 2,742, गुजरात में 1,846, तमिलनाडु में 1,201, उत्तर प्रदेश में 697, पश्चिम बंगाल में 668, मध्य प्रदेश में 572, राजस्थान में 413 और तेलंगाना में 260 लोगों की मौत हुई।
कर्नाटक में कोविड-19 से 246, हरियाणा में 236, आंध्र प्रदेश में 187, पंजाब में 144, जम्मू कश्मीर में 101, बिहार में 67, उत्तराखंड में 41, ओडिशा में 25 और केरल में 24 लोगों ने जान गंवाई।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार महामारी से झारखंड में 15, छत्तीसगढ़ में 13, असम और पुडुचेरी में 12-12 , हिमाचल प्रदेश में 10, चंडीगढ़ में छह, गोवा में तीन और मेघालय, त्रिपुरा, लद्दाख तथा अरुणाचल प्रदेश में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।
उसने बताया कि जान गंवाने वाले 70 प्रतिशत लोगों को पहले से ही कोई बीमारी थी।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में संक्रमण के सबसे अधिक 1,74,761 मामले सामने आए हैं। इसके बाद तमिलनाडु में 90,167, दिल्ली में 87,360, गुजरात में 32,557, उत्तर प्रदेश में 23,492, पश्चिम बंगाल में 18,559 और राजस्थान में 18,014 मामले सामने आए।
तेलंगाना में 16,339 , कर्नाटक में 15,242,आंध्र प्रदेश में 14,595, हरियाणा में 14,548 और मध्य प्रदेश में 13,593 लोग संक्रमित पाए गए हैं।
बिहार में संक्रमण के मामले बढ़कर 10,043 , असम में 8,227, जम्मू-कश्मीर में 7,497 और ओडिशा में 7,065 हो गए। पंजाब में अब तक संक्रमण के 5,568 जबकि केरल में 4,442 मामले सामने आए हैं।
उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,881, छत्तीसगढ़ में 2,860 , झारखंड में 2,490, त्रिपुरा में 1,388 , गोवा में 1,315 , मणिपुर में 1,234 , लद्दाख में 973 और हिमाचल प्रदेश में 953 मरीज है।
पुडुचेरी में संक्रमण के 714, नगालैंड में 459, चंडीगढ़ में 440, तथा दादरा नगर हवेली तथा दमन और दीव में 213 मामले सामने आए हैं।
अरुणाचल प्रदेश में 191, मिजोरम में 160, अंडमान-निकोबार द्वीप में 97, सिक्किम में 89 जबकि मेघालय में 52 लोग संक्रमित मिले हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 01, 2020 10:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

