देश की खबरें | कोविड-19 राजनीतिक नहीं, मानवीय संकट: गुजरात उच्च न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात उच्च न्यायालय ने कोरोना वायरस महामारी से संबंधित एक जनहित याचिका पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अपने ताजा आदेश में कहा कि कोविड-19 राजनीतिक नहीं बल्कि मानवीय संकट है और महज सरकार की आलोचना करने से न तो चमत्कारिक रूप से लोग ठीक होने लगेंगे और न ही मर चुके लोग जिंदा होने वाले।
अहमदाबाद, 31 मई गुजरात उच्च न्यायालय ने कोरोना वायरस महामारी से संबंधित एक जनहित याचिका पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अपने ताजा आदेश में कहा कि कोविड-19 राजनीतिक नहीं बल्कि मानवीय संकट है और महज सरकार की आलोचना करने से न तो चमत्कारिक रूप से लोग ठीक होने लगेंगे और न ही मर चुके लोग जिंदा होने वाले।
अदालत ने महामारी के खिलाफ जंग में राज्य सरकार की मदद के लिये ''सहयोग, सूझबूझ और रचनात्मक आलोचना'' करने की बात कही।
यह भी पढ़े | दिल्ली पुलिस के 2 सहायक उपनिरीक्षकों की कोरोनावायरस से मौत: 31 मई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जे बी परदीवाला की खंडपीठ ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि महामारी से निपटने को लेकर सरकार के बारे में की गईं अदालत की हालिया टिप्पणियों पर सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों पर "अनावश्यक बहस और टिप्पणियां" की गईं और ''प्रछन्न मंशा से उनका दुरुपयोग किया गया।''
अदालत ने कहा, ''संकट के समय, हमें झगड़ने के बजाय साथ आना चाहिये। कोविड-19 राजनीतिक नहीं, मानवीय संकट है। लिहाजा, यह जरूरी है कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण न किया जाए।''
अदालत ने विपक्ष से ऐसे समय में आलोचना में मशगूल रहने के बजाय मदद का हाथ बढ़ाने के लिये कहा। पीठ ने कहा कि राज्य की स्थिति को संभालने में केवल खामियां निकालना और मतभेद दिखाना ''लोगों के मन में भय पैदा करता है।
दरअसल, न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला और न्यायमूर्ति आई जे वोरा की पीठ ने इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए 22 मई को अपने आदेश में कहा था कि सरकार द्वारा संचालित अहमदाबाद सिविल अस्पताल की हालत ''दयनीय और कालकोठरी से भी बदतर है।'' इस अस्पताल में अबतक 415 कोविड-19 रोगी दम तोड़ चुके हैं।
अदालत की इस टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)