देश की खबरें | बांगलादेश के बंदरगाहों के उपयोग से पहले कोलकाता बंदरगाह चार प्रायोगिक परीक्षण करेगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोलकाता बंदरगाह पड़ोसी देश बांग्लादेश के चटगांव और मोंगला बंदरगाहों को भारत में व्यापार के लिए इस्तेमाल करने संबंधी समझौते को लागू करने से पहले चार प्रायोगिक परीक्षण करेगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
कोलकाता, 29 जुलाई कोलकाता बंदरगाह पड़ोसी देश बांग्लादेश के चटगांव और मोंगला बंदरगाहों को भारत में व्यापार के लिए इस्तेमाल करने संबंधी समझौते को लागू करने से पहले चार प्रायोगिक परीक्षण करेगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इस पहल से भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग के माध्यम से अंतर्देशीय जलमार्गों पर व्यापार प्रवाह को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
कोलकाता बंदरगाह को अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी (एसएमपी) बंदरगाह के नाम से जाता है।
एसएमपी के एक अधिकारी ने बताया कि मार्च में हुई 13वीं भारत-बांग्लादेश संयुक्त सीमा शुल्क समूह (जेएससी) की बैठक के बाद प्रायोगिक परीक्षण करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि यह भी निर्णय लिया गया कि जहाज बांग्लादेश और भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों दोनों के लिए माल ले जा सकते हैं।
एसएमपी के अध्यक्ष विनीत कुमार ने कहा, ''हमें प्रायोगिक परीक्षण करने के लिए कहा गया है और इसे छह महीने के भीतर पूरा किया जाना है। सभी गंतव्य बांग्लादेश में हैं।''
परीक्षण मोंगला से तामाबिल (बांग्लादेश के सिलहट में एक पहाड़ी क्षेत्र), तामाबिल से चटगांव, चटगांव से शेओला, और मोंगला से बीबीरबाजार मार्गों तक किए जाएंगे।
अधिकारी ने कहा, ''मोंगला-तामाबिल और मोंगला-बीबीरबाजार (कुमिला में भूमि बंदरगाह) मार्गों पर परीक्षण के लिए मालवाहक पोत 30 जुलाई को कोलकाता से रवाना होगा।''
उन्होंने बताया कि इन दो प्रायोगिक परीक्षणों के लिए 'मेर्स्क लाइन इंडिया' ने एसएमपी के साथ साझेदारी की है।
भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग के माध्यम से कोलकाता बंदरगाह से भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में माल की आवाजाही न केवल पारगमन लागत और समय को कम करेगी बल्कि अर्थव्यवस्था को विकसित करने में भी मददगार होगी।
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