देश की खबरें | दिल्ली के अस्पताल में 142 किलोग्राम वजनी महिला के घुटनों का प्रतिरोपण

नयी दिल्ली, 24 अप्रैल दिल्ली के एक अस्पताल में 142 किलोग्राम वजनी और मोटापे के कारण होने वाले गठिया के दर्द से जूझ रही 60 वर्षीय एक महिला के दोनों घुटनों का प्रतिरोपण किया गया।

महिला ने कहा कि अधिकतर चिकित्सकों ने उसे सलाह दी कि पहले वजन कम करने के लिए उसे बेरियाट्रिक सर्जरी करानी चाहिए और फिर घुटने बदलवाने चाहिए। महिला ने कहा कि वह बेरियाट्रिक सर्जरी कराने के विचार से सहमत नहीं थी।

प्राइमस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, चिकित्सकों ने केवल 35 मिनट में दोनों घुटनों की सर्जरी की, जिससे मरीज 12 घंटे में अपने पैरों पर खड़ी हो गई।

आमतौर पर ऐसे मामलों में मरीज को गतिशील बनाने में 24-36 घंटे लगते हैं। महिला के दोनों घुटनों की एक-एक कर सर्जरी की गई। महिला गंभीर रूप से मोटापे की बीमारी से पीड़ित है।

हरियाणा के झज्जर की रहने वाली इस महिला को मोटापे के कारण होने वाले गंभीर गठिया दर्द के कारण दैनिक दिनचर्या के काम करने में भी अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण उसके दोनों घुटनों में गंभीर विकृति हो गई थी।

प्राइमस अस्पताल के हड्डी रोग और जोड़ प्रतिरपोण विभाग के अध्यक्ष डॉ सी एस यादव ने कहा, ‘‘घुटने के जोड़ की गंभीर विकृति के कारण, महिला पिछले कई वर्षों से असहनीय दर्द का अनुभव कर रही थी और एक मिनट से अधिक खड़ी नहीं हो पा रही थी। इसके अलावा, मोटापे ने उसके घुटनों पर बोझ को और अधिक कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप जोड़ उपास्थि (ज्वाइंट कार्टिलेज) का तेजी से क्षरण हुआ।’’

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