नोएडा (उत्तर प्रदेश), नौ दिसंबर केन्द्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर पिछले नौ दिनों से धरना दे रहे किसानों ने दिल्ली से नोएडा आने वाले रास्ते को बुधवार को खोलने का फैसला लिया है।
गौतमबुध नगर जिले के अपर पुलिस आयुक्त उपायुक्त कानून व्यवस्था आशुतोष द्विवेदी और भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद किसानों ने दिल्ली से नोएडा आने वाले रास्ते को खोलने का फैसला लिया।
सिंह ने कहा कि दिल्ली-नोएडा-दिल्ली का रास्ता बंद होने से लोगों को दिक्कत हो रही थी। उन्होंने कहा, ‘‘हम किसान हैं, और खुद परेशान हैं। ऐसे में हम दूसरों की परेशानियों को समझ सकते हैं। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए हमने एक ओर का रास्ता खोलने का फैसला लिया है।’’
उन्होंने कहा कि किसान सड़क के दूसरी ओर अपना धरना जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि खाली किए गए रास्ते का उपयोग यातायात के लिए कैसे करना है यह फैसला प्रशासन को करना है।
सिंह ने बताया कि बुधवार को उनकी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक धरना स्थल पर हुई, तथा कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया गया कि मोदी सरकार ऐसे किसान आयोग का गठन करें, जिसके अध्यक्ष सहित सभी सदस्य किसान हों।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को जनता की बात सुननी चाहिए लेकिन केंद्र सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है जिसके कारण किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है।
वहीं दूसरी ओर ग्रेटर नोएडा में किसान आंदोलन के समर्थन में दादरी में पदयात्रा निकाल रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद पुलिस सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सूरजपुर स्थित पुलिस लाईन ले गई।
पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में धारा 144 लागू है। सपा नेता उसका उल्लंघन करके पद यात्रा निकाल रहे थे। इस वजह से उन्हें हिरासत में लियाा गया।
सं. अर्पणा
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