दोनों देशों ने बताया कि रूस के छह दिवसीय दौरे में किम ने रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की, लेकिन इसके लिए उठाए गए कदमों की जानकारी नहीं दी। यह किम की उत्तर कोरिया के नेता के रूप में किसी अन्य देश की सबसे लंबी अवधि की यात्रा रही।
विदेशी विशेषज्ञों ने अटकलें लगाई हैं कि दोनों देश हथियारों के हस्तांतरण का सौदा करने पर जोर दे रहे हैं, जो कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है।
आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने कहा कि किम की ट्रेन सोमवार सुबह उत्तर कोरिया पहुंची, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि वह प्योंगयांग गए या देश के किसी अन्य हिस्से में । उसने बताया कि किम की इस यात्रा ने पुतिन के साथ ‘‘भाईचारे एवं मित्रवत संबंधों’’ को गहरा किया।
किम ने रूस में उसके सुदूर पूर्वी क्षेत्र की यात्रा की, उन्होंने पुतिन से मुलाकत की और हथियारों एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े कई स्थलों का दौरा किया। यात्रा के दौरान किम को परमाणु हमला करने में सक्षम बम वर्षक विमान, हाइपरसोनिक मिसाइल और रूस के प्रशांत बेड़े में शामिल उन्नत युद्धपोत दिखाए गए।
अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंता है कि किम यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बीच मॉस्को को हथियार मुहैया करा सकते हैं और बदले में उत्तर कोरिया को रूस से उन्नत प्रौद्योगिकी मिल सकती है।
रूस और उत्तर कोरिया पर पश्चिमी देशों ने कई प्रतिबंध लगाए हैं तथा उन्हें अलग-थलग कर दिया है। विशेषज्ञों का मनना है कि दोनों देश अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ा रहे हैं।
एपी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY