भुवनेश्वर, सात मार्च भुवनेश्वर स्थित ‘कलिंग इंस्टीट्यूट आफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी)’ विश्वविद्यालय में एक नेपाली छात्रा (20) की मौत की जांच कर रही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की टीम ने भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि एनएचआरसी की टीम ने बृहस्पतिवार को घटना की जांच शुरू कर दी, जो शुक्रवार को भी जारी रही।
अधिकारियों ने बताया कि दिन के दौरान दल के सदस्य केआईआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों और केआईआईटी के संस्थापक अच्युत सामंत से मुलाकात कर सकते हैं।
पुलिस आयुक्त एस. देव दत्त सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने राज्य अतिथि गृह में एनएचआरसी टीम से मुलाकात की और उन्हें सभी उपयुक्त जानकारी दी। मानवाधिकार आयोग द्वारा की जा रही जांच में सहयोग प्रदान करने के लिए एक संपर्क अधिकारी को विशेष रूप से नियुक्त किया गया है।’’
उन्होंने भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जगमोहन मीणा के साथ बृहस्पतिवार रात मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
एक अन्य एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने एनएचआरसी टीम के सदस्यों को पूरा सहयोग देने की पेशकश की है और उन्हें उस स्थिति से अवगत कराया है, जिसके तहत लड़की ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
उन्होंने बताया कि एनएचआरसी टीम के सदस्यों को केआईआईटी में कंप्यूटर साइंस की तीसरे वर्ष की छात्रा प्रकृति लामसाल की मौत के बाद परिसर में हुई हिंसा के बारे में भी जानकारी दी गई।
एनएचआरसी जांच दल ने अपने रजिस्ट्रार (विधि) जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में केआईआईटी विश्वविद्यालय परिसर में लगभग पांच घंटे बिताये, जहां लामसल का शव 16 फरवरी की शाम को मिला।
टीम के सदस्यों ने मृत लड़की के दोस्तों, छात्रावास की उसकी साथी छात्राओं और केआईआईटी के उन कुछ अधिकारियों से बातचीत की, जिन्होंने कथित तौर पर नेपाली छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया था।
मानवाधिकार आयोग के निर्देशानुसार, टीम निजी संस्थान के कर्मचारियों द्वारा नेपाली छात्रों पर कथित हमलों की भी जांच करेगी।
आयोग ने टीम को 10 मार्च तक अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने को कहा है।
नेपाल के मानवाधिकार आयोग की शिकायत और पत्र पर कार्रवाई करते हुए, एनएचआरसी ने केआईआईटी विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर में छात्रा की मौत की मौके पर जांच करने के लिए जांच और कानून प्रभागों के अधिकारियों की एक टीम गठित की थी।
एनएचआरसी में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि लामसल को संस्थान में इंजीनियरिंग के एक छात्र द्वारा उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली थी।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि हालांकि लामसाल ने केआईआईटी के अंतरराष्ट्रीय संबंध कार्यालय (आईआरओ) के समक्ष उत्पीड़न की एक शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।
स्थानीय पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में इंजीनियरिंग के एक छात्र को गिरफ्तार किया है और वह 17 फरवरी से न्यायिक हिरासत में है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि छात्रा की मौत के बाद न्याय की मांग करने और विरोध प्रदर्शन करने वाले नेपाली छात्रों के साथ केआईआईटी अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों ने दुर्व्यवहार किया, धमकी दी और उन पर हमला किया।
पुलिस ने नेपाली छात्रों पर हमला करने के आरोप में अब तक केआईआईटी के 10 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है और उनमें से पांच अभी भी जेल में हैं।
राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
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