देश की खबरें | खुशबू सुंदर ने एनईपी का किया स्वागत, अलग रुख के लिए राहुल गांधी से मांगी माफी

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चेन्नई, 31 जुलाई कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता खुशबू सुंदर ने केंद्र की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का स्वागत किया है और इस मामले में कांग्रेस से अलग रुख रखने के लिए पार्टी नेता राहुल गांधी से माफी मांगी है।

सुंदर के बयान ने ट्विटर पर खलबली मचा दी है।

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सुंदर ने कहा कि वह ‘‘रोबोट या कठपुतली की तरह सिर हिलाने के बजाए सच्चाई बोलती’’ हैं। कांग्रेस की राज्य इकाई ने सार्वजनिक रूप से बयान देने पर सुंदर की आलोचना करते हुए इसे ‘‘अनुशासनहीनता’’ करार दिया। उसने कहा कि कांग्रेस अपने मंचों पर ‘‘किसी भी विवादास्पद’’ मामले पर चर्चा के लिए तैयार है।

सुंदर द्वारा एनईपी का स्वागत किए जाने के बाद इस प्रकार की अटकलें लगने लगी हैं कि वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकती हैं।

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सुंदर ने इन अटकलों के बीच स्पष्ट किया कि वह भगवा दल में शामिल नहीं हो रही हैं।

उन्होंने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया, ‘‘नई शिक्षा नीति 2020 एक स्वागतयोग्य कदम है।’’

विभिन्न मामलों पर राजग के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणियों के लिए जानी जाने वाली सुंदर के इस ट्वीट ने लोगों को हैरान कर दिया है।

सुंदर ने एक अन्य ट्वीट किया, ‘‘एनईपी 2020 पर मेरा रुख मेरी पार्टी के रुख से अलग है और मैं इसके लिए राहुल गांधी से माफी मांगती हूं, लेकिन मैं रोबोट या कठपुतली की तरह सिर हिलाने के बजाए सच्चाई बोलती हूं। अपने नेता की हर बात से सहमत नहीं हुआ जा सकता, लेकिन एक नागरिक के तौर पर अपनी राय को बहादुरी से रखने का साहस दिखाया जा सकता है।’’

सुंदर ने उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘मैं भाजपा में शामिल नहीं हो रही हूं। मेरी राय मेरी पार्टी से अलग हो सकती है। मैं एक ऐसी व्यक्ति हूं, जिसका अपना दिमाग है। हां, एनईपी 2020 में कुछ खामियां हैं, लेकिन मुझे अब भी लगता है कि हम बदलाव को सकारात्मकता के साथ देख सकते हैं।’’

पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी एनईपी का स्वागत किया था, लेकिन उन्होंने आशंका भी जताई थी कि इससे गरीबों के लिए शिक्षा पहुंच से बाहर हो सकती है, क्योंकि इसमें ‘‘केंद्रीकरण, अत्यधिक आकांक्षा और कम व्यवहार्यता’’ की ओर झुकाव दिखता है और इस नीति में यह माना गया है कि निजी क्षेत्र चुनौती से निपट लेगा।

थरूर ने यह भी कहा था कि एनईपी में स्कूलों में योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षकों की अत्यधिक आवश्यकता को महत्व नहीं दिया गया, जबकि ऐसे शिक्षकों की भारी कमी है।

सुंदर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएनसीसी के अध्यक्ष के एस अलागिरी ने कहा कि कांग्रेस ‘‘दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राजनीतिक दल’’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पार्टी के मंच पर किसी भी विवादित विषय पर बात रख सकते हैं। इसका स्वागत किया जाएगा। यदि हम सार्वजनिक तौर पर बोलते हैं, तो यह अनुशासनहीनता कहलाता है। अनुशासनहीनता कुंठा से पैदा होती है। योग इसका बेहतरीन उपचार है।’’

केंद्र के शिक्षा सुधार को समर्थन देने वाले ट्वीट के चर्चा का विषय बनने पर सुंदर ने शुक्रवार को कहा, ‘‘एक ट्वीट... एक पंक्ति... और मुझे तूफान आता दिख रहा है।’’

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