चंडीगढ़, 19 जुलाई आम आदमी पार्टी (आप) ने हरियाणा में कई जगहों पर आई बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-जननायक जनता पार्टी (जजपा) की गठबंधन सरकार इस आपदा से निपटने के लिए तैयार नहीं थी।
आप की हरियाणा इकाई के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने घग्गर और यमुना नदी के किनारे तटबंधों को मजबूत करने के लिए उचित कदम नहीं उठाने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की तथा कहा कि इसके परिणामस्वरूप तटबंधों में कई दरारों की वजह से कई गांवों में बाढ़ आ गई।
अनुराग ढांडा ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ स्थिति का जायजा लेने के लिए हरियाणा में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और इस आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार की तैयारी पर बाढ़ पीड़ितों से प्रतिक्रिया प्राप्त की।
ढांडा ने कहा कि पार्टी नेताओं ने कुरूक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर, कैथल, फतेहाबाद और सिरसा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘हरियाणा सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार नहीं थी और सो रही थी। राज्य के 1,300 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित थे और इनमें से 150 से 200 गांव सड़क से पूरी तरह कट गए थे।’’
ढांडा ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को पछतावा है कि अगर उन्हें नौकाएं उपलब्ध कराई जातीं तो वे स्थिति को संभाल सकते थे।
उन्होंने दावा किया कि यह शर्म की बात है कि इस आधुनिक युग में भी खट्टर सरकार और प्रशासन मिलकर किसी भी बाढ़ प्रभावित गांव में नाव उपलब्ध नहीं करा सके।
आप के वरिष्ठ नेता ने हरियाणा सरकार से पिछले नौ वर्षों में बाढ़ सुरक्षा के लिए आवंटित 3,000 करोड़ रुपये के बारे में भी पूछा।
उन्होंने कहा, ‘‘तीन हजार करोड़ रुपये कहां गए। किसी भी नदी के किनारे तटबंधों को मजबूत करने के लिए कोई महत्वपूर्ण कार्य नहीं किया गया।’’
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