ताजा खबरें | खान विधेयक चर्चा दो अंतिम लोस

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र आर्थिक दृष्टिकोण से देश का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है लेकिन पिछले समय में इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा अनियमितता एवं चोरी के मामले सामने आए। देश को जिस उत्पाद से सबसे अधिक लाभ मिलना चाहिए, उस क्षेत्र में सबसे अधिक अनियमितताएं देखने को मिलीं।

उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र आर्थिक दृष्टिकोण से देश का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है लेकिन पिछले समय में इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा अनियमितता एवं चोरी के मामले सामने आए। देश को जिस उत्पाद से सबसे अधिक लाभ मिलना चाहिए, उस क्षेत्र में सबसे अधिक अनियमितताएं देखने को मिलीं।

राउत ने कहा कि ऐसी स्थिति में इन सुधारों की सख्त जरूरत थी।

बीजद के पिनाकी मिश्रा ने कहा कि लम्बे समय से ओडिशा देश में लौह अयस्क का उत्पादन करने वाला शीर्ष राज्य रहा है। कोरोना काल में भी राज्य ने लौह अयस्क का काफी उत्पादन किया है।

उन्होंने कहा कि ओडिशा ने अगले पांच वर्षों में लौह अयस्क के उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में योगदान कर सके।

मिश्रा ने कहा कि साल 2015 के बाद से खान एवं खनन क्षेत्र में जितने भी सुधार किये गए हैं, वे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान विधेयक में भी हमारे कई सुझावों को स्वीकार किया गया है जिससे इस क्षेत्र में कारोबार के अनुकूल माहौल बनाने में मदद मिलेगी।

बसपा के राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण आज भी देश को कोयले का आयात करना पड़ रहा है, इसका अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने खनन क्षेत्र में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

बसपा सदस्य ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन को रोकने के लिये कदम उठाने की मांग की।

टीआरएस के नमा नागेश्वर राव ने मांग की कि विधेयक में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाने का प्रावधान किया जाए तथा राज्यों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि यह विधेयक खनन क्षेत्र को बड़े उद्योगपतियों के लिए खोलने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि अधिकतर खानें छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में हैं जहां नक्सलवाद की समस्या है। राय ने कहा कि अगर समग्र रुख नहीं अपनाया गया और पर्यावरण तथा आदिवासियों के मुद्दों, दोनों पर ध्यान नहीं दिया गया तो नक्सलवाद जैसी समस्या बड़ा रूप लेगी।

उन्होंने कहा कि मंत्री को इसका संज्ञान लेना चाहिए।

राय ने कोयला खदानों में शत प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के फैसले को गलते हुए बताते हुए कहा कि इससे विदेशी कंपनियां आएंगी, आदिवासी बहुल इलाकों में कोयला खदानें ले लेंगी और उनका शोषण करेंगी।

भाजपा के चंद्र प्रकाश जोशी ने कहा कि विधेयक में प्रावधान है कि यदि समयसीमा के बाद भी राज्य खदानों की नीलामी प्रक्रिया नहीं करते तो केंद्र इस प्रक्रिया को पूरी करेगा लेकिन राजस्व राज्य को ही मिलेगा।

चर्चा में राकांपा के सुनील दत्तात्रेय तटकरे, जदयू के सुनील कुमार पिंटू, भाजपा के अरूण साव, कांग्रेस के सप्तगिरि उल्का, भाजपा की डा. भारती पवार और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल आदि ने हिस्सा लिया।

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