कोच्चि, छह जून केरल में मंगलवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब विपक्षी कांग्रेस की छात्र शाखा केरल छात्र संघ (केएसयू) ने आरोप लगाया कि यहां महाराजा कॉलेज के छात्र एसएफआई नेता पी एम अर्शो को अंक सूची में ‘उत्तीर्ण’ दिखाया गया है जबकि वह किसी परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे।
अर्शो सत्तारूढ़ माकपा के छात्र संगठन एसएफआई के राज्य सचिव हैं।
केएसयू का आरोप है कि तीसरे सेमेस्टर की पुरातत्व शास्त्र परीक्षा की अंकसूची में यह दिखाया गया है कि किसी भी परीक्षा में न बैठने के बावजूद अर्शो ने परीक्षा पास की थी।
केएसयू के एक कार्यकर्ता ने मीडिया को बताया, “अंकसूची से पता चलता है कि उसने सेमेस्टर पास कर लिया है। उन्होंने परिणाम से छेड़छाड़ की है और अब छात्रों को धोखा दे रहे हैं।”
इस बीच, कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि भारत सरकार के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने यह परिणाम प्रकाशित किया था और तकनीकी त्रुटि के कारण ऐसा हुआ।
बाद में विवाद बढ़ने के बाद अधिकारियों ने अंक सूची में सुधार किया था।
प्रधानाचार्य ने मीडिया से कहा, “उसके (अर्शो के) कोई अंक नहीं हैं। बिना किसी अंक के हम अंतिम प्रमाणपत्र कैसे दे सकते हैं? इस मामले की कॉलेज द्वारा जांच की जाएगी।”
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए अर्शो ने मीडिया से कहा कि वह परीक्षा में शामिल नहीं हुए थे और यह तकनीकी त्रुटि हो सकती है।
अर्शो ने केएसयू के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, “इस मामले में एक पुख्ता जांच की जरूरत है। हम यह भी संदेह कर सकते हैं कि कहीं किसी ने विवाद पैदा करने के लिए तो यह त्रुटि नहीं की।”
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY