देश की खबरें | केरल : यूडीएफ का मादक पदार्थ और 'बढ़ती हिंसा' के खिलाफ राज्य सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन

तिरुवनंतपुरम, पांच मार्च कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने बुधवार को आरोप लगाया कि केरल की वामपंथी सरकार राज्य में ‘‘हिंसा, हत्याओं और नशीली दवाओं के व्यापक उपयोग को रोकने में विफल रही है।’’

प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप सचिवालय के बाहर एक दिवसीय भूख हड़ताल की और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

अनशन की शुरुआत करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन ने दावा किया कि केरल के लोग डरे हुए और चिंतित हैं, क्योंकि राज्य भर में हिंसक घटनाओं का सिलसिला जारी है, जो पहले कभी नहीं देखा गया था, और राज्य नशीले पदार्थों का केंद्र भी बनता जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बड़ी मात्रा में विभिन्न मादक पदार्थ आ रहे हैं और एक शक्तिशाली माफिया लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है।

सतीशन ने कहा, ‘‘मादक पदार्थों का व्यापक नेटवर्क इस तथ्य से स्पष्ट है कि अब कोई भी मादक पदार्थ राज्य के किसी भी हिस्से में आसानी से और शीघ्रता से उपलब्ध है। इसे 15 मिनट से भी कम समय में प्राप्त किया जा सकता है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि मादक पदार्थों की आसान उपलब्धता के साथ-साथ ‘‘हिंसा की घटनाएं’’ भी बढ़ रही हैं।

सतीशन ने दलील दी कि हिंसा की प्रकृति बदल गई है और अब अधिक क्रूरता होती है। उन्होंने वेंजरामूडु में हाल ही में हुए सामूहिक हत्याकांड, जमानत पर बाहर आए हत्या के आरोपी द्वारा पलक्कड़ में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने तथा राज्य भर में विभिन्न संस्थानों में हुई कथित रैगिंग की घटनाओं का हवाला दिया।

विपक्षी नेता ने दावा किया कि रैगिंग अधिक क्रूर रूप में महाविद्यालय परिसरों में लौट रही है। उन्होंने वामपंथी छात्र संगठन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) पर ऐसी कई घटनाओं में हाथ होने का आरोप लगाया।

सतीशन ने आरोप लगाया कि ये अपराध इसलिए हो रहे हैं क्योंकि सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कुछ नेता मादक पदार्थों की तस्करी सहित हिंसक और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को राजनीतिक संरक्षण प्रदान कर रहे हैं।

यूडीएफ के संयोजक एम. एम. हसन सहित गठबंधन के नेता भी विरोध प्रदर्शन में उपस्थित थे।

हसन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और उसकी पुलिस ‘‘मादक पदार्थों के प्रसार को रोकने में विफल रही है’’, साथ ही ‘‘केरल में हिंसक घटनाओं और हत्याओं में वृद्धि हुई है।’’

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