देश की खबरें | केरल पीसीसी प्रमुख ने डीएसपी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई

तिरुवनंतपुरम, एक जुलाई केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख और सांसद के. सुधाकरन ने प्राचीन वस्तुओं के विवादास्पद कारोबारी एम. मावुंकल की संलिप्तता वाले धोखाधड़ी के एक मामले की जांच कर रहे राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष के पास विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई है।

कन्नूर के सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य अपराध शाखा के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) वाई. आर. रुस्तम सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के इशारे पर काम कर रहे थे और हाल में उन्हें बदनाम करने के लिए धोखाधड़ी के मामले में उनके खिलाफ ‘‘फर्जी मामला’’ दर्ज किया था।

सुधाकरन को पिछले महीने धोखाधड़ी के मामले में अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था और जमानत पर रिहा कर दिया था।

शिकायत में केपीसीसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि जनता के सामने उनकी छवि खराब करने के लिए मार्क्सवादी पार्टी की राजनीतिक साजिश के तहत रुस्तम के तत्वावधान में उनके खिलाफ ‘‘फर्जी मामला’’ दर्ज किया गया था।

शनिवार को यहां एक बयान में कहा गया कि लोकसभा अध्यक्ष के अलावा, डीएसपी के खिलाफ संसद की आचार समिति, केरल पुलिस प्रमुख और पुलिस शिकायत प्राधिकरण को भी शिकायत सौंपी गई है।

मामले में मुख्य आरोपी मावुंकल ने हाल में आरोप लगाया था कि यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) के जिस मामले में वह शामिल था उसमें सुधाकरन के खिलाफ गवाही देने के लिए अधिकारी ने धमकी दी थी।

डीएसपी के खिलाफ अदालत में हाल में दिए गए बयान का हवाला देते हुए केपीसीसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बयान देने के लिए रूस्तम ने मावुंकल को बंदूक का भय दिखाकर धमकाया था।

नेता सुधाकरन ने आरोप लगाया कि मावुंकल को जब अदालत ले जाया जा रहा था और अधिकारी उसे धमका रहा था तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने ऐसा होते हुए देखा था, जो मावुंकल को अदालत ले जाए जाने के दौरान उसके साथ ही मौजूद थे।

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