देश की खबरें | केरल सरकार वाहनों में क्षमता से अधिक सामान ढुलाई को रोकने के लिए एसओपी बनाएगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को कहा कि विझिंजम बंदरगाह तक निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों में क्षमता से अधिक सामान ढुलाई को रोकने के लिए दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रोटोकॉल (एसओपी) तैयार किए जाएंगे।
तिरुवनंतपुरम, 21 मार्च जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को कहा कि विझिंजम बंदरगाह तक निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों में क्षमता से अधिक सामान ढुलाई को रोकने के लिए दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रोटोकॉल (एसओपी) तैयार किए जाएंगे।
विझिंजम के पास जब एक वाहन बंदरगाह के लिए पत्थरों को ढो कर ले जा रहा था तो उस दौरान वाहन में से एक बड़ी चट्टान फिसल कर एक मेडिकल छात्र के ऊपर गिर गई थी जिससे उसकी मौत हो गई। इसी घटना के बाद यह निर्णय लिया गया।
तिरुवनंतपुरम के जिलाधिकारी जेरोमिक जॉर्ज ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित सभी हितधारकों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया।
जॉर्ज ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि बैठक में मौजूद सभी लोगों का मानना था कि प्रवर्तन को मजबूत करना सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद मोटर वाहन विभाग, पुलिस और उत्पाद शुल्क विभाग वाहन की उपयुक्तता की जांच करेंगे। वहीं, बंदरगाह तक निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों में क्षमता से अधिक सामान की ढुलाई को रोकने के लिए मिलकर काम करेंगे।
जॉर्ज ने कहा कि बंदरगाह का निर्माण करने वाले अडाणी समूह को सामग्री ले जाने वाले वाहनों की सूची देनी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में निर्माण सामग्री ले जाने के लिए एक अन्य वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने के बारे में भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यातायात पुलिस से चर्चा करने के बाद इस विषय पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि बंदरगाह पर सामग्री ले जाने वाले वाहनों में क्षमता से अधिक सामान ढुलाई की जांच करने के लिए एक विशेष दस्ते का गठन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सामान को वाहन में भरने और उतारने वाले दोनों स्थानों पर निगरानी की जाएगी। इसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन मिलकर दिशानिर्देश तैयार करेंगे।
हादसे में मृतक छात्र के परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे के बारे में उन्होंने कहा कि इस पर आज ही राज्य सरकार को एक रिपोर्ट पेश की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह का विकास अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) द्वारा किया जा रहा है।
केरल के श्रम मंत्री वी शिवनकुट्टी ने बुधवार को अडाणी पोर्ट के अधिकारियों से मेडिकल छात्र के परिवार को मुआवजा देने का आग्रह किया था। उन्होंने इस दर्दनाक हादसे की जांच करने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाली किसी भी निर्माण गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)