कोच्चि, 17 अगस्त केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनदान के खिलाफ धन शोधन और आय से अधिक संपत्ति रखने के अपने आरोपों को दोहराते हुए बृहस्पतिवार को विधायक और उनकी कानूनी फर्मों के वित्तीय लेन-देन की व्यापक जांच की मांग की।
माकपा ने कांग्रेस विधायक पर अपना हमला तेज कर दिया है। मैथ्यू कुझलनदान ने एक दिन पहले ही खुद पर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस के विधायक मैथ्यू कुझलनदान ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी टी. वीना के कुछ वित्तीय लेन-देन संबंधी विवाद में उनके पति एवं लोक निर्माण मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास को घसीटते हुए पूछा है कि यदि लेनदेन पारदर्शी और वैध था, तो उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में इसका विवरण क्यों नहीं दिया।
माकपा की एर्णाकुलम इकाई के जिला सचिव सी एन मोहनन ने बृहस्पतिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में मुवत्तुपुझा से कांग्रेस विधायक कुझलनदान के खिलाफ आरोपों को दोहराते हुए जांच की मांग की।
कुझलनदान द्वारा एक दिन पहले दिए गए स्पष्टीकरण और निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए गए उनके हलफनामे का जिक्र करते हुए मोहनन ने दलील दी कि कांग्रेस विधायक की घोषित संपत्ति उनकी आय के ज्ञात स्रोतों के अनुपात में नहीं थी, जैसा कि दस्तावेजों में बताया गया है।
माकपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक ने इडुक्की जिले के चिन्नाकनाल इलाके में एक रिसॉर्ट बनाने के लिए जमीन खरीदी।
उन्होंने दावा किया कि वह इस क्षेत्र के निवासी हैं और उनके पास राज्य में अन्य कोई मकान नहीं है, लेकिन कुझलनदान के पास राज्य में एक फ्लैट समेत कई अन्य संपत्तियां हैं।
दरअसल, केरल में एक निजी खनिज कंपनी और वीना तथा उनकी आईटी कंपनी के बीच कुछ वित्तीय लेनदेन को लेकर विवाद छिड़ गया है।
ऐसे सबूत भी सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि कंपनी का सत्तारूढ़ माकपा के साथ-साथ विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के शीर्ष नेताओं के साथ लेन-देन था।
यह मुद्दा तब सामने आया जब हाल में एक मलयालम दैनिक समाचार पत्र की खबर में कहा गया था कि ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (सीएमआरएल) ने 2017 और 2020 के बीच तीन साल की अवधि के दौरान मुख्यमंत्री की बेटी को कुल 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
खबर में अंतरिम बोर्ड के हाल में आये फैसले का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोच्चि स्थित कंपनी ने पहले परामर्श और सॉफ्टवेयर सहायता सेवाओं के लिए वीना की आईटी फर्म के साथ एक समझौता किया था।
खबर में आयकर विभाग के समक्ष खनिज कंपनी के अधिकारियों के बयान का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस तथ्य के बावजूद कि उनकी फर्म द्वारा कोई सेवा प्रदान नहीं की गई थी, एक ‘‘प्रमुख व्यक्ति’’ के साथ उनके संबंधों के कारण मासिक आधार पर राशि का भुगतान किया गया था।
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