देश की खबरें | केजरीवाल ने अधिकारियों को कोविड-19 की जांच पर दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा
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नयी दिल्ली, 29 जुलाई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को कोविड-19 की जांच के संबंध में दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का बुधवार को निर्देश दिया है।
उच्च न्यायलय ने दो दिन पहले ही आम आदम पार्टी सरकार से पूछा था कि वह ‘‘रैपिड एंटीजन टेस्ट’’ क्यों करा रही है, जबकि इसकी गलत रिपोर्ट आने की दर बहुत अधिक है।
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इस जांच में अधिकतर लोगों के संक्रमित नहीं होने की बात सामने आ रही है।
केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘ मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार अगर एंटीजन टेस्ट में किसी व्यक्ति के संक्रमित नहीं होने की पुष्टि हो और उसमें लक्षण हो तो उसकी आरटी-पीसीआर जांच करानी आवश्यक है। मैंने आज अधिकारियों को दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।’’
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दिल्ली के स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में 28 जुलाई को 13,701 एंटीजन जांच और 4,843 आरटी-पीसीआर जांच की गई।
अदालत ने 27 जुलाई को यह भी स्पष्ट कर दिया था कि दिल्ली सरकार भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ‘‘सख्ती से’’ पालन करे और इस संबंध में अपनी व्याख्या के मुताबिक कार्य नहीं करे।
उच्च न्यायालय ने इस बात का भी जिक्र किया था कि दिल्ली में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) द्वारा किये गये सीरो सर्वे (रक्त के नमूनों की जांच) से यह संकेत मिला है कि 22.86 प्रतिशत से अधिक आबादी कोविड-19 से पीड़ित हुई है, जबकि उन्हें यह महसूस नहीं हुआ कि वे संक्रमित हैं क्योंकि उनमें शायद इसके लक्षण नहीं थे।
अदालत ने कहा था कि इस तरह के परिदृश्य में दिल्ली सरकार अपने अग्रिम मोर्चे के जांच के तौर पर रैपिड एंटीजन टेस्ट के साथ कैसे आगे बढ़ सकती है, जबकि इसकी गलत नेगेटिव रिपोर्ट आने की दर बहुत अधिक है और आरटी/ पीसीआर जांच कराने की केवल उन्हीं को लोगों को सलाह दी जा रही है, जिनमें संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं।
अदालत ने कहा कि आईसीएमआर ने नहीं कहा है कि जांच इस तरीके से करानी होगी।
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