नयी दिल्ली, 24 जुलाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि 20वीं सदी पेट्रोलियम उत्पादों पर आधारित रही और इसका वर्चस्व अभी भी बना हुआ है, लेकिन आजकल पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए धीरे-धीरे गैर जीवाश्म ईंधन का उपयोग बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार 2022 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
राष्ट्रपति ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा, ‘‘20वीं सदी पेट्रोलियम उत्पादों पर आधारित रही। आज भी पेट्रोलियम पदार्थो का वर्चस्व बना हुआ है। हालांकि, धीरे-धीरे गैर जीवाश्म ईंधन का उपयोग बढ़ रहा है।’’
उन्होंने कहा कि आजकल ‘रेयर अर्थ मेटल’, अर्द्धचालक तत्वों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘पर्यावरण संरक्षण की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए कुछ पारंपरिक खनिजों के खनन और उनके परिणामों का नये दृष्टिकोण से विश्लेषण किया जा रहा है।’’
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का 170 वर्षों से अधिक का प्रभावशाली इतिहास है। इतने लंबे समय तक निरंतर योगदान देते रहना किसी भी संस्था के लिए गर्व की बात है।’’
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