देश की खबरें | दिल्ली में कावासाकी से ग्रस्त बच्चों की संख्या बढ़ी, कोविड-19 का संदेह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली के अस्पतालों में कावासाकी जैसे सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चों के मामले आ रहे हैं और इन मामलों के कोविड-19 से जुड़े होने का संदेह है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 जुलाई डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली के अस्पतालों में कावासाकी जैसे सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चों के मामले आ रहे हैं और इन मामलों के कोविड-19 से जुड़े होने का संदेह है।

एक प्रतिष्ठित अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताया कि सामान्य कावासाकी लक्षणों के मुकाबले इनमें से करीब 50 प्रतिशत मामलों में मरीज की हालत बहुत गंभीर हो जाती है।

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कावासाकी बीमारी में अज्ञात कारणों से रक्त वाहिकाओं में सूजन आ जाती है। इससे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, विशेष रूप से पांच साल से कम उम्र वाले।

सर गंगा राम अस्पताल में शिशु रोग विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर धीरेन गुप्ता ने बताया, ‘‘पिछले कुछ महीनों में, विशेष रूप से छह सप्ताह में, हमारे पास ऐसे मरीज आए हैं जिनमें कावासाकी जैसे लक्षण होते हैं। इनका संभवत: कोविड के साथ कोई ना कोई संबंध है क्योंकि इनमें से कुछ मरीज कोविड-19 पॉजिटिव निकले जबकि कुछ के शरीर में कोविड का एंटीबॉडी मिला है।’’

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उनका कहना है कि यह एक नयी बीमारी ‘मल्टी सिस्टम इंफ्लामेटरी सिंड्रोम’ या एमआईएस का हिस्सा है। यह बीमारी ब्रिटेन से शुरू हुई और अमेरिका में भी इसके मामले आए हैं।

डॉक्टर गुप्ता ने बताया, ‘‘भारत में यह चलन सबसे पहले मुंबई में देखने को मिला, अब दिल्ली में भी आ रहा है। इसमें 50 प्रतिशत मामलों में सामान्य कावासाकी के मुकाबले मरीज की हालत ज्यादा गंभीर हो जा रही है।’’

उन्होंने कहा कि इसका संबंध कोविड-19 से है और कुछ मामलों में एंटीबॉडी प्रतिक्रिया करते हैं और हालत बिगड़ जाती है।

गंगा राम अस्पताल में ऐसे छह मरीज आए हैं। उनमें से चार को उपचार के बाद छुट्टी मिल गई है, दो साल का एक बच्चा आईसीयू में है जबकि चार साल का मरीज वार्ड में है।

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से जुड़े कलावती सरन बाल अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि उनके पास पांच-छह ऐसे मामले आए जिनमें बच्चों का कोविड प्रभावित या कोविड संदिग्ध क्षेत्रों में इलाज हुआ था। उनमें कावासाकी के लक्षण थे और शरीर की रक्त वाहिकाएं सूज गयी थीं।

अस्पताल के मेडिकल निदेशक एन.एन. माथुर ने बताया, ‘‘इसके पीछे कोई और कारण भी हो सकता है। लेकिन चूंकि हम कोरोना वायरस महामारी का सामना कर रहे हैं, तो इसकी संभावना ज्यादा है कि यह कोविड-19 से जुड़ा हुआ है।’’

डॉक्टरों का कहना है कि कावासाकी सिंड्रोम के लक्षण हैं.... तीन से पांच दिन बुखार रहना, आंखें और होंठ लाल हो जाना।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में आए गंभीर मामलों में बुखार ज्यादा दिनों तक चल सकता है, रक्त चाप गिर सकता है और अन्य दिक्कतें भी आ सकती हैं।

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