देश की खबरें | कश्मीरी अलगाववादी नेता अल्ताफ शाह की एम्स में कैंसर से मौत: परिवार

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर दिवंगत हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद एवं कश्मीरी अलगाववादी नेता अल्ताफ अहमद शाह की मंगलवार तड़के यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कैंसर से मौत हो गई।

‘अल्ताफ फंटूश’ के नाम से चर्चित शाह की उम्र 66 वर्ष थी। उसे कुछ दिन पहले ही दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद तिहाड़ जेल से एम्स में भर्ती कराया गया था।

शाह के परिवार में उसकी पत्नी, बेटा और दो बेटियां हैं।

शाह को छह अन्य लोगों के साथ आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में 2017 में गिरफ्तार किया गया था।

शाह को उसके परिवार के करीबी सदस्यों की मौजूदगी में श्रीनगर के बाहरी इलाके में बुचपोरा में सुपुर्दे खाक किया गया। इलाके में व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किये गये थे ताकि कानून व्यवस्था बिगाड़ने का किसी तरह का प्रयास नहीं किया जा सके। कुछ देर के लिए इलाके में इंटरनेट पर भी रोक लगा दी गयी थी।

उधर श्रीनगर में मीरवाइज उमर फारुक के नेतृत्व वाले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के धड़े ने शाह के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

शाह के शव को अस्पताल ने आवश्यक औपचारिकताओं के बाद परिवार के सदस्यों को सौंप दिया था और अंतिम संस्कार के लिए शव को श्रीनगर ले जाया गया।

बीमारी का पता चलने पर उसे यहां राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले हफ्ते दिल्ली उच्च न्यायालय के दखल के बाद उसे एम्स में भर्ती किया गया था।

अदालत ने तीन अक्टूबर को उसे एम्स में स्थानांतरित करने का आदेश देते हुए कहा था, “उपयुक्त उपचार संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित मौलिक अधिकार का हिस्सा है।”

कभी गिलानी का उत्तराधिकारी माने जाने वाला शाह सोमवार की देर शाम कोमा में चला गया था और देर रात में उसे मृत घोषित कर दिया गया था।

अदालत में अपने पिता का मामला लड़ रही शाह की बेटी रूवा शाह ने ‘पीटीआई-’ को बताया, “हमें अब्बू के कल रात गुजर जाने की खबर दी गई है।”

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