ताजा खबरें | कश्मीर चर्चा दो अंतिम लोस

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. शिवसेना के सांसद विनायक भाउराव राउत ने विधेयक का समर्थन किया। उन्होंने जम्मू कश्मीर से विस्थापित 41 हजार से अधिक परिवारों की संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें वापस करने की योजना बनाने की मांग की।

शिवसेना के सांसद विनायक भाउराव राउत ने विधेयक का समर्थन किया। उन्होंने जम्मू कश्मीर से विस्थापित 41 हजार से अधिक परिवारों की संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें वापस करने की योजना बनाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विस्थापित कश्मीरियों, खासकर कश्मीरी पंडितों की ‘घर वापसी’ कराने की घोषणा की थी, लेकिन इस बारे में बहुत कुछ नहीं हो सका है।

राउत ने महाराष्ट्र में मराठा, धनगड़ और महादेवी कोली जैसे समुदायों को आरक्षण की व्यवस्था की भी मांग की। उन्होंने कहा कि 1980 से मराठा समाज का शांतिपूर्ण आंदोलन जारी है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।

तृणमूल कांग्रेस की प्रतिमा मंडल ने कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख की उनकी यात्राओं के दौरान उन्हें महसूस नहीं हुआ कि यहां शांति से घूमा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कश्मीर के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर रोजगार दे सकते हैं और उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर आतंकवाद को समाप्त किया जा सकता है।

उन्होंने भी सरकार से पूछा कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कब होंगे, क्योंकि केंद्रशासित प्रदेश की जनता अपने अधिकार और वहां शांति चाहती है।

वाईएसआर कांग्रेस के डॉ संजीव कुमार ने कहा कि इन विधेयकों से जम्मू कश्मीर में राजनीतिक स्थिरता आएगी।

भाजपा के पी पी चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद जम्मू कश्मीर की जनता के लिए कभी काम नहीं किया।

उन्होंने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त होने का मामला शीर्ष अदालत में विचाराधीन होने के चलते विधेयक पर विचार का संसद को अधिकार नहीं होने का कांग्रेस सदस्यों का तर्क गलत है।

सिंह ने कहा कि संसद को इन विधेयकों पर विचार करने और इन्हें पारित करने का पूरा अधिकार है।

भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 70 साल तक जिनकी आवाज नहीं सुनी गई, आज उनकी आवाज सुनी जा रही है और संप्रभु संसद को इस संबंध में कानून बनाने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा कि देश में साढ़े पांच सौ रियासतों में से एक को छोड़कर बाकी को सरदार वल्लभ भाई पटेल ने संभाला था तो कोई समस्या नहीं आई लेकिन एक को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संभाला और उसमें 2019 तक समस्या बनी रही जिसे इस सरकार ने सुलझाया है।

प्रसाद ने कहा कि पटेल ने एक बार कहा था कि जिस दिन देश में ‘बहादुर सरकार’ बनेगी, अनुच्छेद 370 समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे सक्षम प्रधानमंत्री और अमित शाह जैसे कुशल गृह मंत्री की सरकार ने यह काम किया।

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