ताजा खबरें | कश्मीर विधेयक चर्चा दो लोस

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने दावा किया कि अगर सरकार प्रचंड बहुमत के दम पर इसी तरह के फैसले करेगी तो कौन जानता है कि वह कल पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को भी जम्मू-कश्मीर की तरह बांट दे।

उन्होंने दावा किया कि अगर सरकार प्रचंड बहुमत के दम पर इसी तरह के फैसले करेगी तो कौन जानता है कि वह कल पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को भी जम्मू-कश्मीर की तरह बांट दे।

तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में पहली बार यह हुआ है कि देश के गृह मंत्री ने किसी प्रदेश को केंद्रशासित प्रदेश में बदल दिया हो।

उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां जारी हैं और विकास के काम थम गए हैं। विकास के जो वादे किए गए थे वो पूरे नहीं हुए।

रॉय ने कहा कि राज्य में इंटरनेट की 4जी सेवा को बंद करना बहुत गलत कदम था।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की चिंता अनुराधा ने कहा कि इस विधेयक से जम्मू-कश्मीर के देश के साथ एकीकरण की शुरुआत होगी।

जदयू के राजीव रंजन सिंह ने कहा कि यह विधेयक जम्मू-कश्मीर के विकास से जुड़ा है और ऐसे में अनुच्छेद 370 के बारे में अब चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है।

उन्होंने कहा कि विकास के लिए लाये गए इस विधेयक का स्वागत होना चाहिए।

बसपा के मलूक नागर ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि पिछले 70 साल से गरीबों, गुर्जर बकरवाल समुदाय और दलितों का जो हक छीना गया है, अब उसे दिया जा रहा है।

बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब ने विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि इतनी जल्दबाजी किस बात की थी जो संसद सत्र आरंभ होने से कुछ दिनों पहले अध्यादेश लाया गया।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित राज्य होते हुए भी वहां विधानसभा काम कर सकती है।

महताब ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में तैनात होने वाले बाहर के अधिकारियों को कुछ वर्ष के लिए वहां रहने दिया जाए ताकि बेहतर नतीजे निकल सकें।

तेलंगाना राष्ट्र समिति के नमा नागेश्वर राव ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इसी तरह तेलंगाना के विकास की भी जरूरत है और ऐसे संशोधन तेलंगाना के लिए भी लाये जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक के तहत तेलंगाना का गठन हुआ है और राज्य में आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के कई पद खाली हैं।

आईयूएमएल के ई टी मोहम्मद बशीर ने कहा कि कश्मीर में अब भी पिछड़ापन है। वहां लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास नहीं किये गये।

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया गया था। यदि सरकार इस बारे में ईमानदार है तो सदन में इस बारे में बयान दे।

जारी

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