जम्मू, 16 जून दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विभिन्न पार्टियों ने जम्मू कश्मीर सरकार के एक निर्णय का स्वागत किया जिसके अनुसार नियुक्ति के उस नियम को समाप्त कर दिया गया है जिसमें कर्मचारी को नौकरी के पहले पांच साल तक मूल वेतन ही दिया जाता था।
वैधानिक नियामक आदेश (एसआरओ) 202 को जम्मू कश्मीर विशेष भर्ती नियम 2015 भी कहा जाता था।
इस नियम के तहत सरकारी कर्मचारियों को नौकरी के पहले पांच साल तक केवल मूल वेतन ही मिलता था।
एक महत्वपूर्ण फैसले में उप राज्यपाल जी सी मुर्मू की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक परिषद ने सोमवार को निर्णय लिया कि नई भर्ती एसआरओ-202 के तहत नहीं की जाएगी।
यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्व में नियुक्त किए गए कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि पांच साल से घटाकर दो साल कर दी गई है।
भाजपा ने इन निर्णय को “ऐतिहासिक” बताया और कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और पैंथर्स पार्टी ने “अन्यायपूर्ण और शोषणकारी” प्रावधान को हटाए जाने पर संतोष व्यक्त किया।
एसआरओ-202 नियम पांच साल पहले पीडीपी-भाजपा सरकार के कार्यकाल में लागू किया गया था।
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