चित्रदुर्ग (कर्नाटक), छह अक्टूबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के बीच हुए गठबंधन को शुक्रवार को ‘‘अपवित्र’’ करार दिया।
उन्होंने एक ‘‘सांप्रदायिक दल’’ से हाथ मिलाने के बाद जद-एस की धर्मनिरपेक्ष साख को लेकर भी सवाल उठाया।
सिद्धरमैया ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जद-एस के नाम में भले ही ‘सेक्युलर’ (धर्मनिरपेक्ष) शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन उसने ‘‘सांप्रदायिक ताकतों’’ के साथ हाथ मिला लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘उनका (जद-एस) एक सांप्रदायिक दल के साथ गठबंधन है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक अपवित्र गठबंधन है, क्योंकि अब तक भाजपा जद (एस) को अपशब्द कहती थी और जद (एस) भाजपा के लिए अपशब्द कहा करती थी, लेकिन अब वे एक साथ आ गए हैं। जद (एस) ने दावा किया है कि उन्होंने पार्टी को बचाने के लिए विचारधारा को त्याग दिया है।’’
जद (एस) के वरिष्ठ नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने पिछले महीने नयी दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा से मुलाकात की थी, जिसके बाद जद(एस) और भाजपा ने गठबंधन करने का फैसला किया था।
सिद्धरमैया ने जिला मुख्यालय शहर शिवमोग्गा के हिंसा प्रभावित क्षेत्र में एक ‘‘तथ्यान्वेषण’’ समिति भेजने को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘वे किन तथ्यों की तलाश करेंगे? वहां क्या है? वे किस बारे में तथ्य पता लगाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि ईद मिलाद जुलूस के दिन पथराव करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है और पुलिस को निर्देश दिया गया है कि उपद्रवी भले ही किसी भी धर्म या पार्टी से जुड़े हों, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने पुलिस को निर्देश दिया है कि कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को भी न दी जाए।’’
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की एक तथ्यान्वेषण समिति ने बृहस्पतिवार को शिवमोग्गा का दौरा किया था।
“कांग्रेस सरकार द्वारा अपनी गारंटी योजनाओं (कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव से पहले किए वादों) के लिए राज्य में विकास को बाधित किए जाने” को लेकर भाजपा के आरोपों के संबंध में सवाल पूछने पर मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य की आर्थिक स्थिति भाजपा ने खराब की है।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (भाजपा ने) ही राज्य को बर्बाद किया, उन्हें क्या नैतिक अधिकार है? क्या हमने (कांग्रेस सरकार ने) अपने कार्यकाल में इतना कर्ज लिया था?... राज्य की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के बाद वे अब इस पर बात कर रहे हैं, क्योंकि वे अब विपक्ष में हैं।’’
सिद्धरमैया ने कहा कि विकास कार्यों के लिए विधायकों को नियमित अनुदान दिया जा रहा है और नयी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन फिलहाल आवंटित नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘नियमित कार्यक्रमों और पांच गारंटी योजनाओं के लिए भी धन की कोई कमी नहीं है।’’
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