मंगलुरु, 14 जून राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक टीम हिंदू कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या की जांच औपचारिक रूप से अपने हाथ में लेने के लिए शनिवार को यहां पहुंची।
शेट्टी की एक मई को दक्षिणी कन्नड जिले के मंगलुरु शहर के बाजपे इलाके में हत्या कर दी गई थी।
एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय करना शुरू कर दिया है।
मंगलुरु पुलिस ने एनआईए टीम के आगमन की पुष्टि की और कहा कि प्रारंभिक जानकारी नगर अपराध शाखा (सीसीबी) के अधिकारियों के साथ साझा की गई है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में यह मामला एनआईए को सौंपा था।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने संघीय एजेंसी को शेट्टी की ‘‘लक्षित हत्या’’ की जांच करने का निर्देश दिया है और इसे ‘‘लोगों के मन में आतंक पैदा करने’’ के इरादे से की गई कार्रवाई करार दिया है।
इस संबंध में गृह मंत्रालय की विज्ञप्ति का हवाला देते हुए सूत्रों ने बताया कि हत्या में शामिल आरोपी कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) के सदस्य हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)की कर्नाटक इकाई के कई नेताओं ने इस हत्याकांड की एनआईए से जांच कराने की मांग की है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शेट्टी की हत्या कथित तौर पर आठ युवकों के एक समूह ने की थी, जिनके प्रतिबंधित ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) से संबंध होने का संदेह है।
पुलिस के अनुसार, सीसीबी के जांच अधिकारी मामले को एनआईए को सौंपने की प्रक्रिया कर रहे हैं।
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