बेंगलुरु, 26 अक्टूबर जनता दल सेक्युलर (जदएस) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष एच डी कुमारस्वामी ने बृहस्पतिवार को धमकी दी कि यदि रामनगर जिले का नाम बदलकर ‘बेंगलुरु साउथ’ करने के प्रस्ताव पर राज्य सरकार आगे बढ़ने का फैसला करती है तो वह आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस जिले से उनका भावनात्मक संबंध है।
पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने किसी समाचार चैनल पर या कर्नाटक विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में खुली बहस की उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार की चुनौती भी स्वीकार कर ली है जो रामनगर जिले तथा 2019 में कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार के गिर जाने पर केंद्रित होगी ।
कुमारस्वामी रामनगर जिले का नाम ‘बेंगलुरु साउथ’ करने के प्रस्ताव के संबंध में बुधवार को शिवकुमार द्वारा दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। शिवकुमार को ‘ब्रांड बेंगलुरु’ का नजदीक के छोटे शहरों पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘ मैं उसे चुनौती के रूप में लूंगा। मेरा रामनगर के साथ भावनात्मक संबंध है , मेरा इस जिले के साथ कोई कारोबारी संबंध नहीं है। यदि रामनगर जिले का नाम बदला जाता है तो खराब स्वास्थ्य के बावजूद मैं अपनी जान का जोखिम लेने को तैयार हूं और आमरण अनशन पर बैठूंगा।’’
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा इस जिले को लेकर एक सपना है, इसलिए मेरी एक चुनौती उस सपने को साकार करने की भी है..। आखिरी क्षण तक मैं उस जिले के अभिमान की रक्षा के लिए लडूंगा।’’
उन्होंने रामनगर जिले के विकास में अपने योगदान की भी चर्चा की तथा शिवकुमार के योगदान पर सवाल उठाया।
शिवकुमार के अनुसार, प्रस्तावित बेंगलुरु साउथ जिले में चन्नापाटना, रामनगर, कनकपुरा, मागडी, हारोहल्ली तालुक होंगे तथा रामनगर तालुक जिला मुख्यालय होगा।
कुमारस्वामी जब जदएस-भाजपा गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री थे तब अगस्त, 2007 में रामनगर, चन्नापाटना, मागडी और कनकपुरा तालुकों को मिलाकर रामनगर जिला बनाया गया था।
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