बेंगलुरु, 28 जून कर्नाटक सरकार अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में चावल खरीदने में कठिनाई का सामना कर रही है और इसलिए उसने ‘अन्न भाग्य’ योजना के तहत अतिरिक्त पांच किलोग्राम चावल की जगह 34 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से लाभार्थियों को धन का भुगतान करने का फैसला किया है।
कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि केंद्र द्वारा निशुल्क दिये जा रहे पांच किलोग्राम चावल के अलावा और पांच किलोग्राम चावल प्रति माह दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने कहा कि इसके लिए एक जुलाई से धन वितरण शुरू होगा।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को यहां मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि सरकार ने चावल की खरीद के लिए खुली निविदा निकालने का फैसला किया है जिसकी प्रक्रिया बृहस्पतिवार से शुरू होगी।
कर्नाटक के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री के एच मुनियप्पा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की मानक दर 34 रुपये प्रति किलोग्राम चावल की है। हमने चावल खरीदने की कोशिश की लेकिन कोई संस्था हमें आवश्यक मात्रा में चावल की आपूर्ति करने आगे नहीं आई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अन्न भाग्य योजना शुरू करने की तारीख (एक जुलाई) आ गयी है और हमने वादा किया था, इसलिए मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार और अन्य मंत्री इस निर्णय पर पहुंचे कि जब तक चावल की आपूर्ति नहीं होती, हम बीपीएल कार्ड धारकों को 34 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से पैसा देंगे, जो एफसीआई की दर है।’’
सिद्धरमैया ने कहा कि धन परिवार के मुखिया के खाते में जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि एक सदस्य है तो उसे 170 रुपये और अगर दो सदस्य हैं तो 340 रुपये और चार सदस्य होने की स्थिति में 680 रुपये परिवार के मुखिया को प्रदान किये जाएंगे।
सिद्धरमैया ने केंद्र पर भारी भंडारण के बावजूद कर्नाटक को भूख से मुकाबले के लिए चावल देने से इंकार करने का आरोप भी लगाया।
कर्नाटक के भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए सिद्धरमैया ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई को केंद्र को राज्य को चावल प्रदान करने के लिए कहना चाहिए।
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