बेंगलुरु, 13 जून कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को संकेत दिया कि वह राज्य कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने को लेकर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा करेंगे और फैसले की घोषणा बजट में करेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में बताया कि सिद्धरमैया ने नयी पेंशन योजना (एनपीएस) कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल से संवाद किया, जो एनपीएस को रद्द करने की मांग को लेकर उनसे मिलने आए थे।
बयान के मुताबिक इस अवसर पर पूर्व विधान पार्षद (एलएलसी) वी.एस.उग्रप्पा ने कहा कि करीब 2.98 लाख कर्मी एनपीएस के तहत आते हैं और उनकी पेंशन राशि नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉज़िटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) में जमा होती है।
उग्रप्पा ने कहा कि यह राशि गवर्मेंट प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) में जमा की जा सकती है और कर्मी के सेवानिवृत्त होने पर उक्त राशि मुहैया कराई जा सकती है।
उन्होंने सरकार से कहा कि उन कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक काईवाई वापस लेने का फैसला किया जाना चाहिए जिन्होंने ‘वोट फॉर ओपीएस’ अभियान में हिस्सा लिया था।
कर्नाटक राज्य एनपीएस कर्मी संघ के अध्यक्ष शांताराम तेजा ने कहा, ‘‘एनपीएस को राजस्थान और छत्तीसगढ़ में रद्द कर दिया गया है। इसे कर्नाटक में भी रद्द किया जाना चाहिए और ओपीएस को लागू किया जाना चाहिए। एनपीएस रद्द करने से 19 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध होंगे जिनका इस्तेमाल सरकार के विकास कार्यों में किया जा सकता है। कर्मचारियों के 9000 करोड़ रुपये के अंशदान को जीपीएफ में परिवर्तित किया जाना चाहिए और 10 हजार करोड़ रुपये के सरकारी अंश का इस्तेमाल विकास कार्य में किया जा सकता है।’’
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