दावणगेरे (कर्नाटक), 16 अक्टूबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार को कहा कि कोई भी सरकार जनहितैषी तभी बन सकती है, जब ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले सभी संस्थान प्रभावी तरीके से काम करें।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की दिक्कतों और शिकायतों का समाधान करने के लिए न्यामती तालुका के सुरहोन्ने गांव में 'जिला प्रशासन का गांव की ओर मार्च ' कार्यक्रम की शुरुआत की और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सेवा करने के मकसद से सरकार उनके घर तक पहुंचेगी।
सरकार ने 227 गांवों को चुना है, जिन्हें आदर्श गांवों में बदलने की योजना शुरू की जाएगी।
बोम्मई ने कहा कि केवल जिला प्रशासन ही नहीं, बल्कि पूरा सरकारी तंत्र गांवों तक पहुंचेगा। कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन के अधिकारी गांवों में समय बिताएंगे और वहां की समस्याओं को समझकर जल्द से जल्द उनका समाधान करेंगे।
बोम्मई ने कहा कि लोगों को मुद्दों को हल करने के लिए तालुका कार्यालयों का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, क्योंकि पेंशन समेत अन्य मुद्दों को ग्राम पंचायत स्तर पर हल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जनसेवक कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों को सभी सुविधाएं प्रदान करने की भी योजना बनाई है और एक नवंबर को बेंगलुरु के सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में यह पायलट परियोजना शुरू की जाएगी।
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