देश की खबरें | कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने बीआरटीएस परियोजना के लिए दरगाह के हिस्से को गिराने के कदम को सही ठहराया

बेलगावी (कर्नाटक), 21 दिसंबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने हुबली-धारवाड़ के बीच बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) गलियारे के लिए दरगाह के एक हिस्से को गिराए जाने का बुधवार को बचाव किया और कहा कि परियोजना के लिए उनकी खुद की करोड़ों रुपये की संपत्ति का अधिग्रहण किया गया है।

इससे पहले अधिकारियों ने हुबली के पास भैरीदेवरकोप्पा में हजरत सैयद महमूद शाह कादरी दरगाह के एक हिस्से और उससे सटी कुछ दुकानों को तोड़ दिया।

बोम्मई ने कहा, "मैं उस जगह से आता हूं जहां बीआरटीएस गलियारा परियोजना के लिए कई घरों, शोरूम, दुकानों और संपत्तियों का अधिग्रहण किया गया है जिसमें मेरी संपत्ति भी शामिल है। मेरी प्रमुख संपत्ति के उन्नीस गुंटा का अधिग्रहण किया गया है। संपत्ति लगभग पांच-छह करोड़ रुपये की है, लेकिन मुझे पांच लाख रुपये का मुआवजा मिला।"

उन्होंने कहा, “हम किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते... अदालत के रोक हटने के बाद हमने सड़क परियोजना के लिए ऐसा किया है...दरगाह कमेटी से छह बार चर्चा हो चुकी है।”

यह मुद्दा शून्यकाल में उठाया गया था।

हुबली-धारवाड़ पूर्व निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अभय्या प्रसाद ने सदन में इस मुद्दे को उठाया और कहा कि दरगाह में सभी धर्मों के लोग आते हैं, खासकर हिंदू भी आते हैं।

उन्होंने कहा कि बीआरटीएस परियोजना के दायरे में कई धार्मिक संस्थान और मठ हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना काम पूरा किया जाना चाहिए था, लेकिन आज सत्ता पक्ष द्वारा चुनाव नजदीक आने की वजह से शांति भंग करने का प्रयास किया जा रहा है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)