जरुरी जानकारी | जूट मिलों के संगठन ने पश्चिम बंगाल सरकार से कच्चे माल की जमाखोरी रोकने का आग्रह किया

कोलकाता, 20 सितंबर जूट उद्योग ने पश्चिम बंगाल सरकार से कच्चे जूट की जमाखोरी रोकने के लिये तलाशी अभियान चलाने का आग्रह किया है। उद्योग का दावा है कि जमाखोरी से कीमतों में उछाल आया है और कई मिलें बंद हो सकती हैं।

इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (आईजेएमए) ने राज्य के श्रम मंत्री मलय घटक को पत्र लिखकर कच्चे जूट की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश देने का आग्रह किया है।

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आईजेएमए ने कहा कि कच्चे जूट की टीडी5 किस्म का मूल्य सितंबर में 5,500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया, जो जून में 4,325 रुपये प्रति क्विंटल था।

कीमतों में वृद्धि को देखते हुए जूट आयुक्त कार्यालय ने हाल ही में कच्चा जूट रखने की सीमा 1,500 क्विंटल कर दी।

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मिलों के संगठन ने अगस्त में कच्चे जूट की जमाखोरी रोकने को लेकर राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी।

इस बीच, जूट बेलर्स एसोसिएशन ने जूट आयुक्त द्वारा कच्चा जूट रखने को लेकर लगाये गये नियंत्रणकारी उपाय को हटाने का केंद्र से आग्रह किया है। उसका कहना है कि इससे किसानों को लाभकारी मूल्य नहीं मिल पाएगा।

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