देश की खबरें | जामिया हिंसा से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई से न्यायाधीश ने खुद को अलग किया

नयी दिल्ली, 16 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अमित शर्मा ने दिसंबर 2019 में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई से मंगलवार को खुद को अलग कर लिया।

ऐसे मामलों को देखने वाले न्यायाधीशों की सूची में बदलाव के बाद यह मामला न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था।

न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि इसे आठ अगस्त को अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए जिसका न्यायमूर्ति अमित शर्मा हिस्सा न हों।

हिंसा के बाद उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं दायर की गई थी जिनमें इलाज, मुआवजा देने और नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी), जांच आयोग (सीओआई) या तथ्यान्वेषी समिति गठित करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।

याचिकाकर्ताओं में वकील, जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के छात्र, दक्षिण दिल्ली के ओखला के निवासी (जहां विश्वविद्यालय स्थित है) और संसद के सामने स्थित जामा मस्जिद के इमाम हैं।

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि पुलिस बल द्वारा छात्रों पर की गई कथित क्रूरता की जांच के लिए एक एसआईटी के गठन की जरूरत है जो पुलिस और केंद्र सरकार से स्वतंत्र हो।

पुलिस ने अपने जवाब में याचिकाओं का विरोध किया और कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगी गई राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि हिंसा के मामलों के संबंध में आरोपपत्र दायर किए जा चुके हैं और उन्हें जो भी राहत चाहिए, उसे संबंधित अधीनस्थ अदालत के समक्ष मांगना चाहिए था।

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