तिरुवनंतपुरम, 19 अक्टूबर केरल की एक सत्र अदालत ने बुधवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी श्रीराम वेंकटरमण को 2019 में शराब के नशे में कार चलाने और एक पत्रकार को कुचलने के मामले में आरोप मुक्त करने से इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने उनपर लगे गैर-इरादतन हत्या के आरोप को हटा दिया।
मामले से जुड़े लोक अभियोजक ने बताया कि सत्र अदालत ने इसके बजाय वेंकटरमण के खिलाफ लापरवाही की वजह से मौत का आरोप स्वीकार किया है। इस संबंध में इसी तरह का आदेश सह-आरोपी वफा फिरोज के लिए भी पारित किया गया है।
इन निर्देशों के साथ अदालत ने दोनों की दोषमुक्ति याचिकाओं का निपटान कर दिया।
अभियोजक ने कहा कि इसके बाद अदालत ने मामले को फैसले के लिए मजिस्ट्रेट अदालत के पास भेज दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेगी।
पुलिस द्वारा दाखिल आरोप पत्र के अनुसार वेंकटरमण 3 अगस्त, 2019 को नशे में थे और आधी रात के बाद एक निजी दावत से लौट रहे थे। उस समय उनकी कार की रफ्तार काफी तेज थी। कार ने मोटरसाइकिल पर सवार पत्रकार के. एम. बशीर को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
लगभग 17 घंटे बाद वेंकटरमण को गिरफ्तार कर लिया गया।
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