लुधियाना (पंजाब), सात मई टेलीविजन पत्रकार भावना किशोर को रविवार को यहां की एक जेल से रिहा कर दिया गया।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने भावना किशोर को शनिवार को अंतरिम जमानत दे दी थी।
पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को टेलीविजन पत्रकार को दो अन्य व्यक्तियों के साथ लुधियाना में तब गिरफ्तार किया था, जब उनके वाहन ने एक महिला को कथित तौर पर टक्कर मार दी थी। इससे उक्त महिला को हाथ में चोट लगी थी।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने रविवार को केंद्रीय जेल लुधियाना के अधीक्षक को जमानत मुचलका भरे जाने के बाद पत्रकार को रिहा करने का आदेश दिया।
लुधियाना के सहायक पुलिस आयुक्त राजेश शर्मा ने कहा कि उन्हें रविवार शाम जेल से रिहा कर दिया गया।
पत्रकार पर लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोपों के अलावा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) कानून के तहत मामला दर्ज किए जाने तथा उन्हें ‘‘हिरासत’’ में लिए जाने के बाद कई पत्रकार संस्थाओं ने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की थी।
‘टाइम्स नाउ नवभारत’ ने एक बयान में दावा किया था कि किशोर, ‘कैमरामैन’ मृत्युंजय और उनके चालक को पुलिस ने लुधियाना में ‘‘सुनियोजित घटनाओं’’ के बाद ‘‘लापरवाही से गाड़ी चलाने और दलितों का अपमान करने’’ के आरोप में गिरफ्तार किया है।
मीडिया संस्थान ने आरोप लगाया था कि महिला पुलिस अधिकारी की अनुपस्थिति में किशोर को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया, उन्हें कानूनी और टेलीफोन पहुंच से वंचित किया गया और सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार किया गया।
पत्रकार ने प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।
किशोर के वकील चेतन मित्तल ने कहा था कि अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है और मामले में अगली सुनवाई के लिए आठ मई की तारीख तय की है।
पंजाब पुलिस ने कहा था कि शुक्रवार को लुधियाना में टेलीविजन पत्रकार के साथ दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उसने कहा कि इनके वाहन ने एक महिला को कथित तौर पर टक्कर मारी थी जिससे उसके हाथ में चोट लग गई थी। उन पर शिकायतकर्ता के खिलाफ अपमानजनक का इस्तेमाल करने का भी आरोप है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY