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Joe Biden meets Xi Jinping: जो बाइडेन की शी जिनपिंग से मुलाकात - अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए कितनी उपयोगी

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बुधवार 15 नवंबर को सैन फ्रांसिस्को में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) सम्मेलन में भाग लेने के दौरान चीन के नेता शी जिनपिंग से मुलाकात कर सकते हैं.

Joe Biden meets Xi Jinping: जो बाइडेन की शी जिनपिंग से मुलाकात - अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए कितनी उपयोगी
Joe Biden (Photo Credit: Twitter/DD News)

पोर्ट्समाउथ (यूके), 11 नवंबर : अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बुधवार 15 नवंबर को सैन फ्रांसिस्को में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) सम्मेलन में भाग लेने के दौरान चीन के नेता शी जिनपिंग से मुलाकात कर सकते हैं. उनकी बैठक का बहुत महत्व है, क्योंकि दोनों नेता 2022 में जी20 के बाद से नहीं मिले हैं, और वर्तमान वैश्विक संघर्षों, विशेष रूप से यूक्रेन युद्ध के संबंध में उनके बीच सहमति की कमी है. बाइडेन के शी के साथ रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं. जी20 की बैठक में, बाइडेन ने शी से ताइवान पर चीन की स्थिति (स्वशासित द्वीप के प्रति चीन की सैन्य कार्रवाई से अमेरिका चिंतित है), यूक्रेन पर रूसी आक्रमण (अमेरिका चाहेगा कि चीन रूस पर दबाव बनाए ताकि संघर्ष का अंत हो) और अमेरिका-चीन व्यापार संबंध (जो बेहद खुरदरे रहे हैं)के बारे में बात की. इस बार भी बातचीत में इन सभी मुद्दों के एजेंडे में रहने की उम्मीद है. हालाँकि अमेरिका-चीन संबंध 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में निर्णायक कारक होने की संभावना नहीं है, लेकिन यह प्रमुख हो सकता है. प्यू रिसर्च के अनुसार, लगभग 83% अमेरिकी चीन के बारे में नकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, लोग दुनिया में चीन की भूमिका और ताइवान के भाग्य को लेकर चिंतित हैं. लेकिन अमेरिका के प्रति चीन का रवैया नरम हो सकता है. अक्टूबर में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 2022 (74%) की तुलना में कम चीनी (48%) अमेरिका को दुश्मन मानते हैं.

बाइडेन को क्या चाहिए

बाइडेन द्वारा चीन पर अपनी वर्तमान स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है, जिसका उद्देश्य चीन की आर्थिक वृद्धि पर अंकुश लगाना और अमेरिकी भूराजनीतिक प्रभुत्व को बनाए रखते हुए उसके राजनयिक प्रभाव को सीमित करना है. लेकिन अटलांटिक काउंसिल थिंक-टैंक का सुझाव है कि चीन के साथ खुला संवाद बनाए रखने से बाइडेन को अमेरिकी जनता का समर्थन मिलेगा. हाल के एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि केवल 13% अमेरिकी चीन के प्रति टकरावपूर्ण दृष्टिकोण चाहते हैं. यह भी पढ़ें : Israel Hamas War: बिजली न होने से गाजा के सबसे बड़े अस्पताल के आईसीयू में चार मरीजों की मौत- स्वास्थ्य मंत्रालय

बाइडेन को समर्थन की जरूरत है. आगामी राष्ट्रपति चुनाव पर नवीनतम सर्वेक्षणों ने रिकॉर्ड रोजगार सृजन और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 2% के लक्ष्य स्तर के करीब 3.7% मुद्रास्फीति के बावजूद, बाइडेन को ट्रम्प से थोड़ा पीछे रखा है. 2025 में व्हाइट हाउस में कौन हो सकता है, इसके बारे में अनिश्चितता बैठक की चीनी उम्मीदों को प्रभावित करेगी. ऐसी संभावना है कि चीन 2024 के चुनाव के बाद तक किसी भी दीर्घकालिक समझौते के लिए प्रतिबद्ध नहीं होगा.

कुछ टिप्पणीकारों को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता की बहाली दोनों नेताओं के लिए एक प्रमुख विषय होगा. इस तरह की बातचीत संभावित रूप से सैन्य संकट को दूर करने में मदद करती है, खासकर दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य जैसे विवादित क्षेत्रों में जहां चीन संप्रभुता का दावा करता है. बाइडेन प्रशासन अमेरिका-चीन संबंधों में अधिक स्थिरता देखना चाहता है और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि दोनों देशों के बीच कोई सैन्य गलतफहमी न हो. वाशिंगटन पोस्ट में, राजनीतिक संवाददाता ओलिवियर नॉक्स ने अनुमान लगाया है कि एआई पर चर्चा एजेंडे में होगी. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन का मानना है कि परमाणु हथियारों के उपयोग से संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में एआई को शामिल नहीं किया जाना चाहिए. इससे पहले नवंबर में, चीन ने बैलेचले पार्क में यूके द्वारा आयोजित एआई सुरक्षा शिखर सम्मेलन में एक घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जो एआई और इसके उपयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत देता है.

कुछ सूत्रों ने सुझाव दिया है कि अमेरिकी अधिकारी इस संभावना पर चर्चा करने की उम्मीद कर रहे हैं कि चीन फेंटेनाइल बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायनों की आपूर्ति को प्रतिबंधित करेगा. कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, हेरोइन से भी अधिक शक्तिशाली सिंथेटिक ओपिओइड दवा से अमेरिका में होने वाली मौतें 2021 में 100,000 से अधिक थीं. न तो व्हाइट हाउस और न ही बीजिंग ने बैठक से अपनी अपेक्षाओं को रेखांकित किया है, लेकिन यह संभवतः जानबूझकर किया गया है. वाशिंगटन में सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में चाइना स्टडीज के अध्यक्ष जूड ब्लैंचेट ने कहा कि बैठक का उद्देश्य आगे की बातचीत के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करना था. एपेक शिखर सम्मेलन की अगुवाई में चीनी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बैठकों की झड़ी लग गई है. अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन, बाइडेन-शी बैठक से पहले चीनी उप प्रधान मंत्री हे लिफेंग से मिलने वाली हैं. चीन भी अपने आर्थिक संकट का समाधान तलाश रहा है और इससे बातचीत के लिए कुछ गुंजाइश खुल सकती है. चीन की अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है और पूर्व-कोविड विकास स्तर पर वापस नहीं लौटी है. चीन के विदेशी व्यापार में गिरावट आ रही है और वह अमेरिका के साथ अपने व्यापार संबंधों को बेहतर बनाने पर चर्चा करना चाहेगा.

ट्रम्प फैक्टर

12 महीने के समय में चुनाव के साथ, बाइडेन को चीन के प्रति कमजोर होते नहीं देखा जा सकता है. उनके संभावित रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका के लिए चीन की आर्थिक चुनौती के प्रति लगातार आक्रामक रवैया अपनाया, और 2018 के बाद चीनी आयात पर कई टैरिफ लगाए. जनवरी 2020 में, ट्रम्प ने चीन के साथ एक ‘‘ऐतिहासिक व्यापार समझौते’’ पर हस्ताक्षर किए, जिसने चीन को 2021 के अंत से पहले 200 अरब अमेरिकी डॉलर निर्यात के लिए प्रतिबद्ध किया. लेकिन सौदे के अंत तक चीन ने इस प्रतिबद्धता को पूरा नहीं किया. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने सहमत राशि का केवल 58% खरीदा, जो समझौते से पहले की तुलना में कम था. चीन पर सदन की चयन समिति के रिपब्लिकन सदस्यों ने बाइडेन को पत्र लिखा है और मांग की है कि वह ‘‘अमेरिकी हितों और मूल्यों की रक्षा के लिए’’ अधिक मुखर रुख अपनाएं. पत्र में बाइडेन से शी से हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक प्रचारक जिमी लाई और चीन के अधिकारियों द्वारा पकड़े गए अन्य लोगों को रिहा करने की मांग करने का भी आह्वान किया गया है. ऐसे सुझाव हैं कि ट्रम्प के व्हाइट हाउस में लौटने की संभावना दुनिया भर के राजनयिकों को अमेरिका के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए अनिच्छुक बना रही है. ट्रम्प ने ‘‘अमेरिका के निर्माण के लिए चीन पर कर लगाने’’ का वादा किया है. इससे व्यापार युद्ध फिर से शुरू हो जाएगा जिसके परिणामस्वरूप ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिका को चीनी निर्यात पर टैरिफ लगा दिया था.

यह बैठक तनाव के स्तर को नियंत्रित कर सकती है और आगे की बातचीत के लिए कुछ स्थिरता प्रदान कर सकती है. बाइडेन के लिए, यह एक घरेलू मोर्चा भी है. यदि वह अपनी स्थिति में बहुत अधिक ‘‘कठोर’’ रहते हैं, तो वह मतदाताओं को अलग-थलग करने का जोखिम उठाते हैं, जबकि यदि वह बहुत नरम हैं, तो वह रिपब्लिकन सदस्यों की आलोचना को आकर्षित करेंगे. यदि बाइडेन इस रस्सी पर सफलतापूर्वक चल सकते हैं, तो वह अगले साल के चुनाव चक्र के दौरान इसका उपयोग करने में सक्षम हो सकते हैं, यह दिखाते हुए कि वह अमेरिका का नेतृत्व करने के लिए सही व्यक्ति हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 11, 2023 05:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).