देश की खबरें | जेएनयू छात्र गुमशुदगी मामला: दिल्ली की अदालत 30 जून को ‘क्लोजर रिपोर्ट’ पर फैसला करेगी

नयी दिल्ली, पांच जून दिल्ली की एक अदालत 30 जून को यह निर्णय करेगी कि जेएनयू के पूर्व छात्र नजीब अहमद के लापता होने के मामले को बंद करने की सिफारिश करने संबंधी पुलिस के अनुरोध को स्वीकार किया जाए या नहीं।

अहमद 15 अक्टूबर 2016 को लापता हो गया था।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति माहेश्वरी ने बृहस्पतिवार को मामले में सीबीआई से स्पष्टीकरण मांगने के बाद सुनवाई 30 जून के लिए स्थगित कर दी।

अदालत अहमद की मां फातिमा नफीस द्वारा इसके खिलाफ दायर विरोध याचिका पर भी फैसला करेगी।

अक्टूबर 2018 में सीबीआई ने मामले की जांच बंद कर दी थी क्योंकि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में स्नातकोत्तर के छात्र अहमद का पता लगाने के एजेंसी के प्रयासों से कोई नतीजा नहीं निकला था।

एजेंसी ने दिल्ली उच्च न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद मामले में अदालत के समक्ष अपनी ‘क्लोजर रिपोर्ट’ (मामला बंद करने का अनुरोध) दाखिल की थी।

अहमद 15 अक्टूबर 2016 को जेएनयू के माही-मांडवी छात्रावास से लापता हो गया था। इसकी पिछली रात, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से कथित तौर पर जुड़े कुछ छात्रों के साथ अहमद की हाथापाई हुई थी।

नफीस के वकील ने अदालत के समक्ष दलील दी कि यह एक ‘‘राजनीतिक मामला’’ है और ‘‘सीबीआई अपने आकाओं के दबाव में झुक गई है।’’

इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस ने की थी, लेकिन बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया।

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