देश की खबरें | झामुमो का प्रधानमंत्री की सुरक्षा के चलते सोरेन के हेलीकॉप्टर की उड़ान में देरी पर मुर्मू को पत्र
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने विधानसभा चुनाव में बड़े चुनाव प्रचारकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के वास्ते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप की मांग की है।
रांची, पांच नवंबर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने विधानसभा चुनाव में बड़े चुनाव प्रचारकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के वास्ते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप की मांग की है।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि चार नवंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हेलीकॉप्टर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की झारखंड यात्रा के मद्देजनर करीब डेढ़ घंटे तक उड़ान नहीं भरने दिया गया।
झामुमो ने मुर्मू को पत्र लिखकर कहा है कि सोमवार को प्रधानमंत्री की गढ़वा एवं चाईबासा यात्रा के कारण उड़ान निषिद्ध पाबंदी लगा दी गयी।
झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को राष्ट्रपति को भेजे पत्र में कहा है, ‘‘ हमारे बड़े प्रचारक हेमंत सोरेन दोपहर पौने दो बजे पश्चिमी सिंहभूम के गुदरी में सभा करने के बाद दोपहर दो बजकर 25 मिनट पर सिमडेगा के बाजार टांड़ में चुनावी सभा को संबोधित करने वाले थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनावी रैली को संबोधित करने के लिए दोपहर दो बजकर 40 मिनट पर चाईबासा पहुंचना था। गुदरी और चाईबासा के बीच की दूरी 80 किलोमीटर है, जबकि सिमडेगा की दूरी 90 किलोमीटर है। निर्वाचन आयोग ने सोरेन के दौरे को मंजूरी दे दी थी। लेकिन प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को डेढ़ घंटे तक रोके रखा गया।’’
भट्टाचार्य ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक और स्वायत्त संस्था है तथा आयोग ने कहा है कि सुरक्षा कारणों से 50 किलोमीटर के दायरे में 15 मिनट के लिए ‘उड़ान निषिद्ध’ पाबंदी घोषित की जायेगी।
उन्होंने दावा किया कि लेकिन सोरेन के हेलीकॉप्टर को करीब डेढ़ घंटे तक उड़ान भरने नहीं दिया गया।
पत्र में कहा गया है, ‘‘हमारे मुख्यमंत्री आदिवासी समुदाय से आते हैं और लंबे संघर्ष के बाद इस पद पर पहुंचे हैं। आप भी आदिवासी समुदाय से हैं और लंबे संघर्ष के बाद देश के सर्वोच्च पद पर पहुंची हैं।’’
पत्र में राष्ट्रपति से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है कि आदिवासी जन प्रतिनिधियों समेत सभी बड़े प्रचारकों को समान संवैधानिक सुरक्षा एवं सम्मान मिले।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 05, 2024 11:32 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

