जम्मू, सात मई जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने हाल में आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान शहीद हुए पांच जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए सीमावर्ती पुंछ और राजौरी जिलों में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि को ‘‘चिंताजनक’’ करार दिया।
जम्मू में रविवार को एक दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा, ‘‘राजौरी और पुंछ में बढ़ती आतंकी घटनाएं चिंता का कारण हैं। ऐसी गतिविधियां शांति और भाईचारे के लिए गंभीर खतरा हैं।’’
आतंकियों के खिलाफ अभियान के दौरान राजौरी के कंडी इलाके में शुक्रवार को आतंकवादियों द्वारा किए गए विस्फोट में पांच सैनिक शहीद हो गए थे।
बुखारी ने यह भी आरोप लगाया कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर प्रशासन क्षेत्र में शांति बनाए रखने में विफल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘पुंछ, राजौरी, चिनाब घाटी और कश्मीर के कुछ हिस्सों के लोग जम्मू चले आए और यहां बस गए। जम्मू में सभी क्षेत्रों के लोग शांति और भाईचारे के साथ रहते हैं।’’
बुखारी ने कहा कि सरकार को राजौरी और पुंछ में आतंकवाद को नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर कश्मीर में आतंकवाद को नियंत्रित किया जा सकता है, तो वह (सरकार) पीर पंजाल में इसे नियंत्रित करने में विफल क्यों रही है? पिछले आठ महीनों से कोई भी स्थानीय व्यक्ति कश्मीर में आतंकवाद में शामिल नहीं हुआ है।’’
जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के नेता ने कहा, ‘‘अगर आतंकी घटनाएं हो रही हैं, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि एक राजनीतिक दल गुर्जर-पहाड़ियों के बीच दरार फैलाने में व्यस्त है।’’
उन्होंने परोक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बारे में यह टिप्पणी की, जिसने गुर्जर समुदाय द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बावजूद पहाड़ियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का वादा किया है।
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