देश की खबरें | झीरम घाटी हमला, एक और प्राथमिकी दर्ज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बुधवार को यहां बताया कि बस्तर जिले के दरभा पुलिस थाने में इस महीने की 25 तारीख को जितेंद्र मुदलियार की शिकायत पर पुलिस ने झीरम घाटी हमले को लेकर नया मामला दर्ज कर लिया है।

जियो

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बुधवार को यहां बताया कि बस्तर जिले के दरभा पुलिस थाने में इस महीने की 25 तारीख को जितेंद्र मुदलियार की शिकायत पर पुलिस ने झीरम घाटी हमले को लेकर नया मामला दर्ज कर लिया है।

जिनेंद्र मुदलियार कांग्रेस नेता उदय मुदलियार के पुत्र हैं। झीरम घाटी हमले में उदय मुदलियार की भी मृत्यु हो गई थी।

यह भी पढ़े | तेलंगाना में 3 साल का बच्चा खुले बोरवेल में गिरा, राहत बचाव कार्य जारी.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना को लेकर पहले भी मामला दर्ज किया जा चुका है। अब इस नए मामले की जांच किस तरह हो, यह विचार किया जा रहा है।

मुदलियार ने अपनी शिकायत में कहा है कि मामले की एनआईए से जांच कराई गई थी लेकिन एनआईए ने इस जांच में षड़यंत्र को शामिल नहीं किया था। इस घटना के षड़यंत्रकारी खुले में घूम रहे हैं। एनआईए को मामले की रिपोर्ट राज्य को सौंपना बाकी है। राज्य के अधिकारियों ने कई बार उनसे रिपोर्ट की मांग की है।

यह भी पढ़े | तेलंगाना में 3 साल का बच्चा खुले बोरवेल में गिरा, राहत बचाव कार्य जारी : 27 मई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

मुदलियार ने कहा है कि यह भी अजीब बात है कि एनआईए ने जांच के दौरान पीड़ित परिवारों में से किसी से भी बयान नहीं लिया। इसके अलावा हमें सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से पता चला है कि पुलिस को उस दिन (25 मई, 2013) नक्सलियों की आवाजाही के बारे में पर्याप्त जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने समय पर कार्रवाई नहीं की। इसलिए हम चाहते हैं कि मामले की फिर से जांच हो।

25 मई 2013 को झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला किया था। इस हमले में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र वर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी।

झीरम घाटी हमला वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों से पहले हुई थी। तब मुख्यमंत्री रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को इस घटना को लेकर तीखी आलोचना झेलनी पड़ी थी।

हमले के बाद मामले की जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी :एनआईए: को सौंप दिया गया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एनआईए ने इस मामले में नौ संदिग्ध नक्सलियों को गिरफ्तार किया था और वर्ष 2014 में उनके खिलाफ आरोप पत्र पेश किया गया था। बाद में वर्ष 2015 में एजेंसी ने इस संबंध में 30 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था।

राज्य में जब वर्ष 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी तब नयी सरकार ने झीरम हमले की जांच एसआईटी से करवाने का फैसला किया। इस मामले की जांच के लिए पिछले वर्ष जनवरी माह में एसआईटी का गठन किया गया।

राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी का कहना है कि एनआईए ने अपनी जांच में साजिश को शामिल नहीं किया है और इस घटना की नए सिरे से जांच की आवश्यकता है।

अधिकारियों ने बताया कि एनआईए ने अभी तक इस मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को नहीं सौंपी है।

सं संजीव

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

IPL 2026 Points Table With Net Run-Rate (NRR): राजस्थान रॉयल्स से जीतकर सातवें पायदान पर पहुंची दिल्ली कैपिटल्स, टॉप तीन पर इन टीमों का कब्जा, देखें अपडेट पॉइंट्स टेबल

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से दी करारी शिकस्त, केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने खेली ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

CSK vs SRH, IPL 2026 63rd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Central Railway: RPF ने चार महीने में 584 बच्चों और जरूरतमंद लोगों को परिवार से मिलाया, 25 यात्रियों की बचाई जान