रांची, चार नवंबर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोविड-19 के चलते वर्ष 2020 में आयोजित की गई कक्षा आठ की बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को 20 प्रतिशत तक ग्रेस (अनुग्रह) अंक देकर परीक्षा परिणाम को पुनः प्रकाशित करने, छात्रों को नौवीं कक्षा में भेजने तथा इसके लिए विशेष परीक्षा आयोजित नहीं करने के प्रस्ताव को बुधवार को स्वीकृति दे दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से बुधवार रात्रि में जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि झारखंड अधिविद्य परिषद की आठवीं की बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को 20 प्रतिशत तक ग्रेस अंक दिया जायेगा और फिर से कक्षा आठ बोर्ड के परिणाम जारी कर छात्रों को कक्षा नौ में भेज दिया जायेगा। यह भी फैसला लिया गया कि कोविड-19 के चलते असफल विद्यार्थियों के लिए विशेष परीक्षा का आयोजन नहीं किया जायेगा।
कक्षा आठ की बोर्ड परीक्षा में 2020 में कुल 5 लाख 3 हजार 862 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 4 लाख 61 हजार 538 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या 42 हजार 324 है ।
झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) द्वारा कक्षा आठवीं की बोर्ड परीक्षा 250 अंकों की होती है और इसमें से 33 प्रतिशत अर्थात 83 अंक लाने वाले परीक्षार्थी उतीर्ण घोषित किए जाते हैं।
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बच्चों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर सरकार ने कक्षा आठवीं की बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को ग्रेस अंक देने और विशेष परीक्षा आयोजित नही करने का निर्णय लिया है।
इस व्यवस्था से 250 अंकों में सिर्फ 33 अंक पाने वाले विद्यार्थी भी आठवीं कक्षा उत्तीर्ण हो जायेंगे।
परिषद ने राज्य सरकार को यह प्रस्ताव अक्तूबर के द्वितीय सप्ताह में भेजा था और इसका उद्देश्य यह था कि परीक्षा में अनुत्तीर्ण कुल 42324 विद्यार्थियों में से बीस प्रतिशत ग्रेस अंक के साथ लगभग चालीस हजार और विद्यार्थी कक्षा आठ से नौ में चले जायेंगे और अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए अलग से परीक्षा के आयोजन की आवश्यकता नहीं होगी।
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