देश की खबरें | झारखंड : प्रदर्शनकारी शिक्षकों को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोका गया

रांची, 17 जून वेतन निर्धारण जैसी अपनी मांगों के समर्थन में सैकड़ों की संख्या में सहायक शिक्षकों ने शनिवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कांके रोड पर स्थित आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास और राज्य सचिवालय के 200 मीटर के दायरे में सहायक शिक्षकों के किसी भी तरह के जुलूस, रैली या प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए निषेधाज्ञा जारी की थी। सहायक शिक्षकों को पहले पारा शिक्षक कहा जाता था।

रैली को रोकने के लिए मोराबादी इलाके में जगह-जगह अवरोधक लगाए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आश्वासन देते हुए अनुरोध किया कि उन्हें मुख्यमंत्री के घर की ओर बढ़ने दिया जाए।

लेकिन, शनिवार को सुबह सात बजे से रात 11.30 बजे तक क्षेत्र में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगे होने का हवाला देते हुए उन्हें मोराबादी मैदान से सोरेन के आवास की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

एकीकृत सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा (ईएसएएसएम) के बैनर तले सहायक शिक्षक सुबह मोराबादी मैदान में एकत्रित हुए।

ईएसएएसएम के एक सदस्य संजय दुबे ने कहा कि आंदोलन में उनकी मुख्य मांग सभी 62,000 सहायक शिक्षकों के लिए वेतनमान तय करना है।

दूबे ने कहा, ‘‘झामुमो, कांग्रेस और राजद सहयोगी ने 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले सहायक शिक्षकों के वेतन निर्धारण का वादा किया था। लेकिन अब तीन साल से अधिक हो गया है पर मुद्दा अब भी लंबित है।’’

बाद में, 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अपनी मांगें रखने के लिए मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे से मिलने की अनुमति दी गई।

बैठक के बाद प्रतिनिधियों ने कहा कि सचिव ने उन्हें अधिकांश मांगों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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